BTC 81000 analysis: काफी दिनों बाद क्रिप्टो मार्केट में रौनक देखने को मिली है। बाजार में क्रिप्टो शेयर में तेजी ने एकबार फिर निवेशकों के लिए उम्मीद बढ़ा दी है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी Bitcoin ने 81,000 डॉलर का स्तर पार कर लिया है। यह उछाल कोई टेक्निकल कारणों नहीं हुआ है। यह वैश्विक माहौल में सुधार और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत भी है।
बिटकॉइन की कीमत में दिखी उछाल, लेकिन बड़े निवेशक के फैसले से बढ़ी अनिश्चितता, जानें मार्केट का नया ट्रेंड।
ग्लोबल माहौल ने दिया बड़ा सपोर्ट
काफी दिनों बाद दुनियाभर के बाजारों में पॉजिटिव सेंटीमेंट बनता हुआ दिखाई दे रहा है। Donald Trump द्वारा ईरान के साथ समझौते की दिशा में चल रहे सकारात्मक प्रक्रिया को देखते हुए और मिडिल ईस्ट में तनाव थोड़ी कमी से बाजार का भरोसा बढ़ा है। इससे शेयर बाजारों में तेजी आई और इसका असर क्रिप्टो पर भी दिखा। डॉलर कमजोर हुआ और निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख किया।
सिर्फ बिटकॉइन नहीं, बाकी कॉइन भी दौड़े
ऐसा नहीं है कि बिटकॉइन में उछाल आई है। अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी तेजी देखी गई है। इनमें Solana, Dogecoin और XRP जैसे कॉइन शामिल है। खासतौर पर डॉजकॉइन में लगातार तेजी देखने को मिली। तनाव के बीच जब डॉजकॉइन में तेजी आई तो निवेशकों में भरोसा आया लेकिन वे संतुलित रहे। वे ज्यादा जोखिम लेने से डर रहे थे। लेकिन अब परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई दे रही है। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है।
एआई और टेक सेक्टर की तेजी का असर
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। Samsung Electronics जैसी कंपनियों ने रिकॉर्ड वैल्यूएशन हासिल किया है। एआई से जुड़ी कंपनियों के मजबूत नतीजों ने बाजार में और उत्साह भर दिया। इसका सीधा फायदा क्रिप्टो जैसे हाई-रिस्क एसेट्स को मिला और यहीं वजह है कि काफी दिनों बाद क्रिप्टो करेंसी में तेजी देखने को मिल रही है।
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लेकिन एक खबर ने बढ़ाई चिंता
इस तेजी के बीच एक बड़ा मोड़ तब आया जब Michael Saylor ने यह संकेत दिया कि अब उनकी कंपनी MicroStrategy जो अब Strategy के नाम से जानी जाती है। डिविडेंड चुकाने के लिए कुछ बिटकॉइन बेच सकती है। यह बयान बाजार के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कंपनी अब तक बाय एंड होल्ड जैसी योजनाओं पर चलती रही है। बता दें कि यह दुनिया की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट बिटकॉइन होल्डर है। कंपनी के पास लाखों BTC हैं। अगर कंपनी ने ऐसा किया तो इससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता भी बढ़ सकती है।
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मार्केट में दिखा तुरंत असर
इस बात की खबर मिलते ही कंपनी के शेयर में गिरावट देखने को मिली है। जिसका असर ऊंचाई छू रहे बिटकॉइन पर भी थोड़ी देर के लिए पड़ी। कुछ देर के लिए यह 81,000 डॉलर से नीचे चला गया था। हालांकि बाद में फिर से सुधार देखने को मिली। बता दें कि Saylor ने इस फैसले को एक सोची –समझी योजना बताया है। उनकी योजना के मुताबिक, बिटकॉइन खरीदकर उसे बढ़ने देना और फिर जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल करना एक नया बिजनेस मॉडल हो सकता है। लेकिन निवेशक इसे स्वीकार करेंगे की नहीं यह देखने वाली बात होगी।
अगर बड़े धारक बिटकॉइन बेचते हैं, तो इसका असर कीमतों पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
