Sarvam AI का नया प्लेटफॉर्म, 10 भाषाओं में बनेगा AI मॉडल

Sarvam AI का नया प्लेटफॉर्म, 10 भाषाओं में बनेगा AI मॉडल

7 mins read
8 views
July 30, 2026

Sarvam AI ने भारतीय भाषाओं के लिए नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च कियाइससे बैंकसरकारी संस्थान और स्टार्टअप अपनी जरूरत के अनुसार AI मॉडल तैयार कर सकेंगे 

Epoch Builder Edition: क्या भारत अब अपनी जरूरतों के हिसाब से खुद के AI मॉडल तैयार करेगा? आज बेंगलुरु की AI कंपनी Sarvam AI ने Epoch Builder Edition लॉन्च कर बड़ा कदम उठाया है। यह प्लेटफॉर्म बैंकों, सरकारी एजेंसियों, स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को अपने डेटा के आधार पर AI मॉडल बनाने, ट्रेन करने और तैनात करने की सुविधा देगा। 

भारतीय भाषाओं पर खास फोकस

Sarvam AI का नया प्लेटफॉर्म भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 7 अरब और 70 अरब पैरामीटर वाले बड़े भाषा मॉडल (LLMs) शामिल हैं। इन्हें 2 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म 10 से ज्यादा भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इनमें हिंदी, कन्नड़, तमिल, मराठी और बंगाली शामिल हैं। इसके अलावा हिंग्लिश और कन्नंगलिश जैसी मिश्रित भाषाओं पर भी यह काम कर सकता है। 

डेटा सुरक्षा और AI ट्रेनिंग की सुविधा

Epoch Builder Edition में कंपनियों को GPU क्लस्टर, API एक्सेस और ऑन-प्रिमाइसेस डिप्लॉयमेंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ भारतीय कानून, गवर्नेंस, फाइनेंस और स्थानीय भाषाओं से जुड़े तैयार डेटासेट भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्लेटफॉर्म में रेड-टीमिंग, टॉक्सिसिटी असेसमेंट और भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ के अनुसार AI मॉडल की जांच करने वाले टूल भी दिए गए हैं। इससे संस्थानों को डेटा पर बेहतर नियंत्रण और लागत कम करने में मदद मिलेगी। 

READ MORE: Freehand की बड़ी छलांग, जुटाए 75 मिलियन डॉलर, बढ़ेगा AI विस्तार 

IIT और राज्य सरकारों के साथ साझेदारी

Sarvam AI ने 3 IIT और 2 राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की है। इन संस्थानों के साथ शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। कंपनी के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि भारत के लिए अपने AI मॉडल विकसित करना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, जैसे भारत ने पहले वैश्विक कंपनियां बनाई हैं, वैसे ही AI के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। 

READ MORE: Lotus Electronics Offer Rains Sale: टीवी, लैपटॉप पर 75% तक बंपर छूट 

Sarvam AI Epoch Builder Edition भारत के AI इकोसिस्टम के लिए अहम कदम माना जा रहा है। अगस्त 2026 में इसका प्राइवेट प्रीव्यू शुरू होगा, जबकि 2026 की चौथी तिमाही में इसे सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भारतीय भाषाओं में AI विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

क्रिप्टो बाजार में बड़ा फेरबदल, मजबूत कंपनियां होंगी आगे
Previous Story

क्रिप्टो बाजार में बड़ा फेरबदल, मजबूत कंपनियां होंगी आगे

𝐂𝐨𝐜𝐤𝐭𝐚𝐢𝐥 𝟐’ 𝐎𝐓𝐓 पर कब और कहां देखें? 𝐕𝐈𝐃𝐄𝐎 वायरल
Next Story

Cocktail 2’ OTT पर कब और कहां देखें? VIDEO वायरल

Latest from Artificial Intelligence

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

 क्या आने वाला समय AI का होगा? मार्क जुकरबर्ग ने दावा किया है कि पर्सनल AI एजेंट्स जल्द ही लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएंगे।  Mark Zuckerberg: क्या आने वाले 5 साल में हर व्यक्ति के पास अपना AI असिस्टेंट होगा? Meta AI Agents को लेकर कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बड़ा दावा किया है। आज तिमाही नतीजों के दौरान उन्होंने कहा कि अरबों लोग जल्द ही ऐसे AI एजेंट इस्तेमाल करेंगे, जो उनकी जरूरतों को समझेंगे और 24 घंटे उनकी मदद करेंगे।  Meta AI Agents बदलेंगे रोजमर्रा की जिंदगी  जुकरबर्ग के मुताबिक, AI एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेंगे। ये लोगों की फाइनेंस, हेल्थ, घरेलू काम और निजी रिश्तों को बेहतर तरीके से संभालने में भी मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि WhatsApp और Meta के दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म AI एजेंट्स के इस्तेमाल का बड़ा माध्यम बनेंगे।  READ MORE: क्या Meta का नया AI आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा है?  AI की दौड़ में Meta का बड़ा निवेश 
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless

Don't Miss