अगर आपके पास भी हैं ये 2 खूबियां तो… Instagram CEO का खुलासा

अगर आपके पास भी हैं ये 2 खूबियां तो… Instagram CEO का खुलासा

4 mins read
1.7K views
November 23, 2025

Instagram AI: Instagram के ceo एडम मोसेरी ने हाल ही में बताया है कि AI में सफल होने के लिए महंगी डिग्री या लंबी पढ़ाई जरूरी नहीं है। उनका मानना है कि आज के टॉप AI इंजीनियर्स जुगाड़ू क्षमताऔर बेहद तेज सीखने की योग्यता से पहचाने जाते हैं। AI इतनी तेजी से बदल रहा है कि असली टैलेंट वही है जो हाथों-हाथ नए प्रयोग कर सके और तकनीक के साथ तुरंत एडजस्ट हो जाए।

Instagram CEO एडम मोसेरी का कहना है कि महंगी डिग्री नहीं, बल्कि तेज सीखने और जुगाड़ू सोच से AI इंजीनियर्स बन सकते हैं।

AI इंजीनियर्स में कौन-कौन सी खासियत होनी चाहिए?

मोसेरी ने बताया कि टॉप AI इंजीनियर्स अक्सर वे लोग होते हैं जो लगातार नए प्रयोग करते हैं और सीखते रहते हैं। पारंपरिक इंजीनियरिंग में सही तरीका लिखना जरूरी होता था, लेकिन AI में सफलता उन लोगों को मिलती है जो तेजी से बदलती तकनीक के साथ खुद को ढाल सकें। Applied AI में काम करने वाले इंजीनियर्स की संख्या कम है और यही उन्हें खास बनाता है।

READ MORE: Jeff Bezos ने लॉन्च की गुप्त AI स्टार्टअप Prometheus

AI टैलेंट की कमी और सैलरी बढ़ोतरी

AI टैलेंट की कमी के कारण 2025 में बड़ी कंपनियां skilled AI इंजीनियर्स को आकर्षित करने के लिए करोड़ों रुपये तक का पैकेज ऑफर कर रही हैं। मोसेरी ने कहा कि कभी-कभी सैलरी के दावे बढ़ा-चढ़ाकर बताए जाते हैं, लेकिन असल में योग्य AI इंजीनियर्स बहुत कम हैं। AI नया क्षेत्र है और इसे स्कूल या कॉलेज में पूरी तरह से सीखना मुश्किल है। ज्यादातर लोग नई स्किल्स और टूल्स खुद प्रयोग करके सीखते हैं।

READ MORE: जानिए क्यों X और OpenAI जैसी बड़ी सेवाएं होती हैं FAIL?

Hands On स्किल और Vibe Coding का महत्व

मोसेरी और अन्य टेक लीडर्स का मानना है कि AI में vibe coding जो युवा डेवलपर्स AI टूल्स के साथ समय बिताते हैं, वह जल्दी सीखते हैं और करियर में बड़ा फायदा हासिल कर सकते हैं। यह Hands On Skill उन्हें पारंपरिक कोडिंग से अलग, प्रैक्टिकल और तेजी से एडजस्ट होने वाला बनाता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

OnePlus 15R ने बढ़ाई टेक दुनिया की धड़कन, लॉन्च से पहले ही मचा दिया हंगामा
Previous Story

OnePlus 15R ने बढ़ाई टेक दुनिया की धड़कन, लॉन्च से पहले ही मचा दिया हंगामा

Next Story

Nokia का बड़ा फैसला, अमेरिका में 4 अरब डॉलर का निवेश

Latest from Artificial Intelligence

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless

Don't Miss