japan new ai chip 1000 times faster technology

अब नहीं होगा फोन गर्म! चलेगा 1000 गुना तेज़, जानें सुपरफास्ट AI तकनीक

8 mins read
2 views
May 19, 2026

AI accelerator: दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव लगातार बढता जा रहा है। टेक कंपनियों के बीच इसे अपनाने की होड़ मची हुई है। हर तरफ इसके खूबियां की चर्चाएं हो रही है। लेकिन इसके साथ एक बड़ी समस्या भी सामने आ रही है। वो है भारी मात्रा में बिजली की खपत। अधिक गर्मी। क्योंकि एआई सर्वर और डेटा सेंटर में बड़े पैमाने पर ऊर्जा की खपत हो रही है। इससे उत्पन्न होनेवाली गर्मी चिंता का विषय बना हुआ है। इसे ठंडा रखने के लिए अरबों रूपए खर्च किए जा रहे हैं। इसी चुनौती को देखते हुए University of Tokyo के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो भविष्य के कंप्यूटर और स्मार्टफोन की तस्वीर बदल सकती है।

नई चुंबकीय स्वीच तकनीक एआई हार्डवेयर की दुनिया में बड़ा बदलाव, जानिए कैसे कम गर्मी पैदा करते हुए हाई-स्पीड प्रोसेसिंग करेगा।

वर्तमान चिप्स से अलग है यह तकनीक

कहा यह जा रहा है कि अधिकांश प्रोसेसर सिलिकॉन आधारित होते हैं। इसका जब डेट प्रोसेसिंग के दौरान इस्तेमाल किया जाता है तो काफी गर्मी पैदा होती है। इन समस्याओं को देखते हुए जापानी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्पिन्ट्रॉनिक डिवाइस तैयार किया है। जो इलेक्ट्रॉन्स को तो चार्ज करता हीं है। लेकिन उसके स्पिन का भी उपयोग करता है। जिसके कारण यह तकनीक कम ऊर्जा में कहीं ज्यादा तेजी से काम कर सकती है।

पलक झपकने से भी तेज़ डेटा प्रोसेसिंग

रफ्तार की तो बात ही जुदा है। इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी अविश्वसनीय गति है। रिसर्चर का कहना है कि यह डिवाइस वर्तमान में आए एक्सीलरेटर की तुलना में लगभग 1000 गुना तेज़ मैग्नेटिक स्विचिंग कर सकता है। जहां सामान्य प्रोसेसर नैनोसेकंड स्तर पर काम करते हैं। वहीं यह नई प्रणाली पिकोसेकंड में प्रतिक्रिया देती है। एक पिकोसेकंड, एक सेकंड का एक ट्रिलियनवां हिस्सा होता है। अब इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि इसकी काम करने की रफ्तार कितनी हो सकती है।

READ MORE- Salesforce का बड़ा अलर्ट: AI न अपनाओ तो हो जाओगे आउट

गर्मी कम, बैटरी लाइफ ज्यादा

एआई के आने के बाद बिजली खपत बढ़ गई है। क्योंकि एआई आधारित डिवाइस स्मार्टफोन, लैपटॉप और क्लाउड सर्वर में लगातार बिजली की खपत हो रही है। तेज प्रोसेसिंग के कारण बैटरी अधिक खत्म हो रही है। चलते- चलते मशीनें गर्म हो रही है। लेकिन नई तकनीक में प्रतिरोधी गर्मी कम पैदा होती है। जिससे भविष्य में ऐसे डिवाइस बन सकते हैं जो कम चार्ज में ज्यादा समय तक काम करें। इस रिसर्च में वैज्ञानिकों की माने तो मैंगनीज और टिन के विशेष मिश्रण Mn3Sn का उपयोग किया। शोध टीम ने 40-पिकोसेकंड का इलेक्ट्रिकल पल्स भेजकर इसकी मैग्नेटिक स्टेट को सफलतापूर्वक बदला और वह भी बहुत कम ऊर्जा खर्च करके।

READ MORE-  Petrol-Diesel हुआ महंगा, शेयर बाजार ने फिर मारी बाजी

क्वांटम कंप्यूटिंग को मिल सकती है नई रफ्तार

शोध से जुड़े प्रोफेसर Tomo Nakatsuji ने कहा कि भविष्य में ऐसा संभव हो सकता है कि जो डेटा आज डाउनलोड होने में एक घंटा लेता है, उसे केवल एक सेकंड में प्रोसेस किया जा सके। हालांकि, वैज्ञानिकों स्पष्ट किया है कि सिर्फ मैग्नेटिक स्विचिंग स्पीड बढ़ने का मतलब यह नहीं कि पूरा कंप्यूटर 1000 गुना तेज़ हो जाएगा। किसी भी कंप्यूटर की वास्तविक क्षमता हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, मेमोरी और डेटा ट्रांसफर आदि पर भी निर्भर करता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

sec tokenized stock crypto policy framework
Previous Story

अमेरिका में क्रिप्टो को बड़ा सहारा, शेयर ट्रेडिंग बदलने की तैयारी

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss