AI logistics: Artificial intelligence का प्रभाव तकरीबन-तकरीवन हर क्षेत्र में दिखने लगा है। अब इसका उपयोग लॉजिस्टिक कंपनियां भी करने लगी है। इसी सिलसिले में बर्मिंघम की एक लॉजिस्टिक कंपनी ने एआई को अपनाकर अपने काम करने के तरीके को पूरी तरह से बदल कर दिया है। Mobile People Powered Logistics तकनीक के जरिए हर दिन 1,500 अलग-अलग शिपमेंट डिलीवर करती है। एक छोटे से पार्सल से लेकर पूरी लॉरी के लोड तक के काम को देखता है। तो आइए जानते हैं यह कंपनी को किस तरह फायदा पहुंचा रही है और कंपनी का क्या कहना है।
एआई तकनीक की मदद से कंपनी ने फोन कॉल्स ऑटोमेट किए और 22 प्रतिशत तक री-डिलीवरी कम कर दी। जानिए कैसे करता है काम।
कर्मचारियों के पहल से ही शुरू हुआ यह बदलाव
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मैथ्यू मैरियट का कहना है कि एआई की शुरूआत किसी बड़े प्लान से नहीं हुई थी। जब AI की बात आई, तो जो कर्मचारी इस तरह की चीज़ों के साथ प्रयोग करना पसंद करते थे। धीरे-धीरे इन प्रयोगों ने पूरे सिस्टम को बदल दिया। इस बदलाव से आखिरकार कंपनी के राजस्व में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई। यह 5 मिलियन से बढ़कर 20 मिलियन तक।
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एआई कैसे करता है ढुलाई का कार्य
एक लॉजिस्टिक कंपनी के ऑनर का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने छूटी हुई डिलवरी की संख्या में भारी कमी लाई है। सबसे आश्चर्य की बात है कि बिना किसी की नौकरी छीने उत्पादन बढ़ाने में भी मदद की है। कंपनी एआई का उपयोग अंदरूनी कंप्यूटर सिस्टम में किया। इतना ही नहीं ग्राहको जानेवाले कॉल को भी ऑटोमेडेट कर दिया। एआई उन्हें सूचित करता है कि उनका समान रास्ते में है। या फिर अब एक घंटे में आपके पास समान पहुंच जाएगा जैसी सूचनाएं फोन कॉल्स के जरिए दी जाती है। उनसे कहा जाता है कि आप डिलेवरी लेने के लिए तैयार रहिए। इससे ग्राहक भी निश्चित रहता है। इस ऑटोमेशन के तहत हर दिन करीब 400 फोन कॉल्स एआई द्वारा किए जा रहे हैं जिससे कर्मचारियों का भी समय बच रहा है और वे अधिक आवश्यक कार्यों पर ध्यान दे पा रहे हैं।
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री-डिलवरी में लगभग 22 प्रतिशत तक की कमी
इसका एक बडा फायदा यह हुआ कि ग्राहक की अनुपलब्धता के कारण होनेवाली री-डिलवरी में लगभग 22 प्रतिशत तक की कमी आई, जिन्हें दोबारा शेड्यूल करना पड़ता था, क्योंकि डिलीवरी के समय घर पर कोई मौजूद नहीं होता था। पूर्व प्रधानमंत्री Rishi Sunak और गोल्डमैन सैक्स की शीर्ष अमेरिकी अधिकारी असाही पॉम्पे ने इस कंपनी का दौरा किया और एआई के व्यवहारिक उपयोग को करीब से समझा। सुनक ने इसे छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है। वहीं, गोल्डमैन सैक्स की कॉरपोरेट एंगेजमेंट प्रमुख असाही पोम्पी ने भी माना कि एआई को अपनाना समय की मांग है। हलांकि इससे छोट व्यवसाय संशय में है। उनका कहना है कि कंपनी को सबसे पहले अपने मैनुअल और दोहराए जानेवाले कामों की पहचान करनी चाहिए जहां एआई सबसे ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।
इस प्रकार देखें तो मोबाइल पीपल पावर्ड लॉजिस्टिक्स का लक्ष्य AI का इस्तेमाल करके उत्पादकता बढ़ाना और कंपनी का विस्तार करना है। भलेही अभी कुछ कंपनियां इसका इस्तेमाल से परहेज कर रही हो लेकिन आनेवाले सालों में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
