Oracle Layoffs

AI की आंधी में उड़ रहीं नौकरियां, Oracle की छंटनी ने बढ़ाई टेंशन!

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April 27, 2026

Oracle Layoffs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद से  टेक जगत में बदलाव का बयार बह रहा है। लेकिन बयार में बह सिर्फ नौकरी रहा है। Oracle ने हाल ही में 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। यह फैसला अचानक लिया गया बताया जा रहा है। कहा यह जा रहा है कि कर्मचारियों को सुबह ईमेल के जरिए सूचना दी गई। छंटनी अमेरिका, भारत, कनाडा और लैटिन अमेरिका तक फैली हुई है। इससे कंपनी की नई प्राथमिकताएं साफ दिख रही हैं। अब वो टीम को रि-स्ट्रक्चरिंग करने की मूड में है। जिसके बाद से एक नई बहस ने जन्म ले लिया। सवाल यह है कि क्या अब अनुभवी कर्मचारी ज्यादा खतरे में हैं। 30 साल से ज्यादा समय तक काम करने वाली नीना लुईस भी इस छंटनी का हिस्सा बनीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे बड़ा झटका बताया। उनके जैसे कई वरिष्ठ कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं।

30,000 तक कर्मचारियों की छंटनी, क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से सीनियर कर्मचारी ज्यादा खतरे में हैं? पढ़ें पूरी रिपोर्ट विस्तार से।

एआआ  की एंट्री और बदलती जरूरतें

टेक कंपनियां तेजी से एआई  की ओर बढ़ रही हैं। काम करने के तरीके बदल रहे हैं। अब कंपनियां कम लोगों में ज्यादा काम चाहती हैं। एआई टूल्स कई प्रक्रियाओं को आसान बना रहे हैं। इससे मानव श्रम की जरूरत कम हो रही है। कंपनियां लागत घटाने पर ध्यान दे रही हैं। यह ट्रेंड सिर्फ ओरेकल तक सीमित नहीं है। Meta, Microsoft और Disney जैसी कंपनियां भी छंटनी कर चुकी हैं। पिछले कुछ समय में हजारों नौकरियां गई हैं। यह बदलाव टेक से लेकर एंटरटेनमेंट सेक्टर तक फैल चुका है।

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नौकरी बाजार में बढ़ती चिंता

कर्मचारियों के बीच असुरक्षा बढ़ रही है। नई भर्तियां धीमी हो गई हैं। खासकर कोडिंग, टेस्टिंग और ऑपरेशंस से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। AI इन कामों को तेजी से कर रहा है। इससे कंपनियां कम लोगों में काम चला रही हैं। पहले माना जाता था कि अनुभव सुरक्षा देता है। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। कंपनियां महंगे कर्मचारियों की जगह सस्ते विकल्प तलाश रही हैं। कई जगह AI और युवा कर्मचारियों का मिश्रण अपनाया जा रहा है। वहीं एंट्री लेवल नौकरियां भी कम हो रही हैं। इससे नए ग्रेजुएट्स के लिए मौके घट रहे हैं।

अब छंटनी केवल नुकसान की वजह से नहीं हो रही है। कंपनियां खुद को एआई फर्स्ट बना रही हैं। क्लाउड और एआई में निवेश बढ़ रहा है। अगर ऐसा चलता रहा तो आनेवाले दिनों में यह ट्रेंड औऱ अधिक रफ्तार पकड़ सकता है।

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Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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