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ChatGPT के ज्यादा यूज से लोग हो रहे मेंटल हेल्थ के शिकार?

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March 24, 2025

ChatGPT जैसे चैटबॉट का अत्यधिक उपयोग अकेलेपन की भावना को बढ़ा सकता है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में ये बात सामने आई है।

ChatGPT Disadvantages : ChatGPT जैसे AI चैटबॉट्स ने लोगों के कई काम आसान बना दिए हैं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और ऑफिस जैसी जगहों पर इनका जमकर इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि, ज्यादा इस्तेमाल करने वालों के लिए ये खबर थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI और MI एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि AI चैटबॉट्स के अधिक इस्तेमाल से लोगों में अकेलापन बढ़ सकता है और वे दूसरों से बातचीत करने में कतराने लगते हैं।

कैसे बढ़ता है अकेलापन?

खबर है कि जो लोग रोजाना ChatGPT जैसे चैटबॉट्स पर ज्यादा समय बिताते हैं, वे इन पर इमोशनली निर्भर हो जाते हैं, जिससे उनकी सोशल स्किल्स पर असर पड़ता है और वे लोगों से बातचीत करने में काफी हिचकिचाते हैं। इंसानी रिश्तों में जुड़ाव महसूस करने की बजाय लोग वर्चुअल कन्वर्सेशन को ही प्राथमिकता देने लगते हैं, जिससे अकेलापन बढ़ता है।

चैटबॉट्स को लेकर जताई जा रही चिंता

AI चैटबॉट्स के इस्तेमाल को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी है। खासतौर पर मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों के बीच इसका असर ज्यादा देखा गया है। पिछले साल एक चैटबॉट पर आरोप लगा था कि उसने एक 14 साल के बच्चे को आत्महत्या के लिए उकसाया था। इस घटना ने टेक्नोलॉजी की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, रिसर्चर्स का कहना है कि यह स्टडी अभी शुरुआती चरण में है और AI चैटबॉट्स का लोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसे लेकर आगे और रिसर्च करने की जरूरत है। टेक्नोलॉजी भले ही हमारे जीवन को आसान बना रही है, लेकिन इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना बेहद जरूरी है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

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