Delhi HC ANI vs OpenAI ChatGPT Copyright Case

ANI केस में ChatGPT को राहत, दिल्ली HC ने अंतरिम रोक से किया इनकार

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July 24, 2026

ANI-OpenAI Copyright Case: क्या ChatGPT को ANI की खबरों के इस्तेमाल पर तुरंत रोका जा सकता है? दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ANI बनाम OpenAI मामले में ऐसा करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ANI फिलहाल OpenAI के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने के लिए पहली नजर में पर्याप्त आधार साबित नहीं कर पाई है।

जस्टिस अमित बंसल ने यह भी कहा कि इस स्तर पर OpenAI पर रोक लगाने से उसे नुकसान हो सकता है और इसका असर व्यापक जनहित पर भी पड़ सकता है। हालांकि, कोर्ट ने माना कि इस मामले की सुनवाई करने का उसके पास क्षेत्राधिकार है।

ANI-OpenAI कॉपीराइट विवाद में दिल्ली HC का बड़ा फैसला, अंतरिम राहत से इनकार, कोर्ट ने कहा- प्रथमदृष्टया उल्लंघन नहीं।

ANI बनाम OpenAI केस में कोर्ट ने क्या कहा?

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर माना कि AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए ANI की कॉपीराइट सामग्री को स्टोर करना कॉपीराइट एक्ट की धारा 52(1)(a) में दिए गए अपवादों के दायरे में आ सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ChatGPT के जवाब ANI की मूल खबरों से ‘पर्याप्त रूप से समान’ नहीं पाए गए। इसलिए फिलहाल धारा 51 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन का मामला पहली नजर में साबित नहीं होता। जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि ANI यह दिखाने में भी नाकाम रही कि AI ने उसकी कॉपीराइट सामग्री को इस तरह याद रखा और दोहराया है, जिससे अंतरिम रोक जरूरी हो।

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ANI ने OpenAI पर लगाए थे गंभीर आरोप

ANI ने 2024 में OpenAI के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया था। समाचार एजेंसी का आरोप था कि OpenAI ने उसकी खबरों का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किया। ANI ने यह भी दावा किया था कि ChatGPT कभी-कभी उसकी सामग्री तैयार कर सकता है और कथित तौर पर ऐसे उद्धरण भी बना सकता है, जो असल में ANI ने नहीं दिए। एजेंसी ने इसे AI की ‘हैलुसिनेशन’ समस्या बताते हुए कहा था कि इससे उसकी छवि और गलत सूचना के प्रसार पर असर पड़ सकता है।

OpenAI ने इन आरोपों का विरोध किया। कंपनी ने कहा कि उसके AI मॉडल की ट्रेनिंग और सेवाएं भारत के बाहर होती हैं और उसके सर्वर अमेरिका में स्थित हैं। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि जानकारी पर कॉपीराइट लागू नहीं होता और प्रकाशक अपनी वेबसाइट को ब्लॉकलिस्ट में डालकर स्क्रैपिंग से बाहर रख सकते हैं।

AI ट्रेनिंग और कॉपीराइट पर बड़ा सवाल

मामले की सुनवाई के दौरान प्रोफेसर डॉ. अरुल जॉर्ज स्कारिया ने एमिकस क्यूरी के तौर पर कोर्ट की मदद की। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के पास इस मामले की सुनवाई का अधिकार है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि OpenAI द्वारा ANI की सामग्री का ज्यादातर इस्तेमाल गैर-अभिव्यक्तिपूर्ण प्रकृति का है। उनके मुताबिक, कॉपीराइट कानून में अभिव्यक्ति से जुड़े कुछ अपवाद भी मौजूद हैं। एक अन्य एमिकस क्यूरी, अधिवक्ता आदर्श रामानुजन ने भी मामले में कोर्ट की सहायता की।

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भारत में AI और कॉपीराइट के लिए अहम मामला

कोर्ट ने केवल अंतरिम राहत देने से इनकार किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि मामले में अंतिम फैसला OpenAI के पक्ष में आ गया है। विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है। इस मामले का असर भारत में AI ट्रेनिंग, कॉपीराइट सुरक्षा और समाचार सामग्री के इस्तेमाल को लेकर भविष्य की कानूनी व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए ANI और OpenAI की यह कानूनी लड़ाई देश में AI और कॉपीराइट से जुड़े सबसे अहम मामलों में गिनी जा रही है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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