FBI एजेंट पर क्रिप्टोकरेंसी चोरी का आरोप लगा, जांच में दावा किया गया है कि उसने ChatGPT से निवेश और यूरोप जाने की योजना के बारे में सवाल पूछे थे।
FBI Crypto Theft: आज सामने आए अमेरिकी अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, FBI के काउंटरइंटेलिजेंस एजेंट पैट्रिक स्टीवन यारोच पर करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 1 मिलियन डॉलर) की क्रिप्टोकरेंसी चोरी करने का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ने बाद में ChatGPT का इस्तेमाल यह जानने के लिए किया कि इस रकम का निवेश कैसे किया जाए और यूरोप में नई जिंदगी कैसे शुरू की जाए। हालांकि, अदालत में आरोप साबित होने तक उन्हें कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
अदालती हलफनामे के मुताबिक, 37 वर्षीय पैट्रिक यारोच 2017 से FBI में कार्यरत थे। उनके पास Top Secret Security Clearance भी था। जांच के दौरान उन्हें एक विरोधी देश से जुड़े क्रिप्टो वॉलेट्स तक आधिकारिक पहुंच मिली थी। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने इन वॉलेट्स की Recovery Seed Phrase याद कर ली और फिर अपना निजी क्रिप्टो वॉलेट बनाकर 2024 के आखिर से कई ट्रांजैक्शन के जरिए रकम अपने पास ट्रांसफर कर ली। बाद में जांच में उनके खातों और वॉलेट से करीब 9.25 लाख डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति जब्त की गई।
ChatGPT से पूछे निवेश और यूरोप जाने के सवाल
जांच में सबसे ज्यादा चर्चा उनके मोबाइल से मिले ChatGPT रिकॉर्ड की हो रही है। आरोप है कि उन्होंने 28 मई को ChatGPT से पूछा कि 10 लाख डॉलर का सबसे अच्छा निवेश कैसे किया जाए ताकि ज्यादा मुनाफा मिल सके। इसके कुछ दिन बाद उन्होंने यह भी पूछा कि करीब 10 लाख डॉलर के साथ अमेरिका छोड़कर किसी यूरोपीय देश का निवासी या नागरिक कैसे बना जा सकता है।
जांच के मुताबिक, ChatGPT ने उनकी उम्र, परिवार और ग्रामीण इलाके में बसने की इच्छा को ध्यान में रखते हुए पुर्तगाल और इटली के कुछ इलाकों का सुझाव दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके पास से पुर्तगाल के वकीलों के नाम Power of Attorney, परिवार के लिए 3 सितंबर की फ्लाइट बुकिंग और विदेश यात्रा से जुड़े दस्तावेज भी मिले।
खुद किया सरेंडर, फिर बदला बयान
हलफनामे के अनुसार, 28 जुलाई को यारोच ने खुद अमेरिकी न्याय विभाग के एक अधिकारी से संपर्क किया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह मामला उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहा था और उन्होंने गलत फैसला लिया। हालांकि, बाद में जब FBI अधिकारी उनके घर पहुंचे तो उन्होंने पहले अपने क्रिप्टो वॉलेट की जानकारी दी, लेकिन कुछ देर बाद अनुमति वापस ले ली और वकील की मांग की। इसके बाद एजेंसी ने तलाशी वारंट लेकर उनके घर की तलाशी ली और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तथा दस्तावेज जब्त किए। 31 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और नौकरी से भी हटा दिया गया।
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जांच से उठे बड़े सवाल
यह मामला सिर्फ कथित क्रिप्टो चोरी तक सीमित नहीं है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जांच एजेंसियों के पास मौजूद संवेदनशील क्रिप्टो वॉलेट और उनकी सुरक्षा कितनी मजबूत है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो किसी हैकर ने सिस्टम नहीं तोड़ा, बल्कि एक अधिकृत अधिकारी ने अपनी पहुंच का गलत इस्तेमाल किया। ऐसे मामलों ने सरकारी एजेंसियों में डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस शुरू कर दी है।
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FBI एजेंट पर लगे ये आरोप अमेरिका में साइबर सुरक्षा और सरकारी निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। फिलहाल मामला अदालत में है और अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आएगा। तब तक आरोपी को कानून के अनुसार निर्दोष माना जाएगा।
