Prompt Injection AI

ChatGPT से Gemini तक खतरा, AI को चकमा देने के नए हथकंडे सामने आए

6 mins read
11 views
April 27, 2026

Prompt Injection AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स पर साइबर हमलों का खतरा बढ़ रहा है। हाल ही में Google के शोध में सामने आया है कि Prompt Injection अटैक तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि इन हमलों की जटिलता अभी कम है। फिर भी विशेषज्ञ इसे भविष्य के बड़े खतरे के रूप में देख रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर प्रॉम्प्ट इंजेक्शन है क्या?

ChatGPT और Gemini जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स को निशाना बना रहे साइबर हमले, 32 प्रतिशत तक बढ़े प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक। जानिए प्रॉम्प्ट इंजेक्शन के बारे में।

प्रॉम्प्ट इंजेक्शन क्या है

यह हमला दो तरह से होता है। पहला डायरेक्ट, जिसमें यूजर एआई से सीधे नियम तोड़ने की कोशिश करता है। दूसरा इनडायरेक्ट, जिसमें छिपे हुए निर्देशों के माध्यम को भ्रमित किया जाता है। हैकर्स वेबसाइट, ईमेल और डेवलपर टूल्स में ऐसे निर्देश डालते हैं। इससे ChatGPT, Gemini और Copilot जैसे टूल्स को धोखा दिया जाता है। शोधकर्ताओं ने इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइट डेटा का विश्लेषण किया। इसके लिए Common Crawl के डेटा का उपयोग किया गया। एआई और मानव समीक्षा के बाद फर्जी मामलों को हटाया गया। जांच में कई तरह के प्रॉम्प्ट इंजेक्शन सामने आए। इनमें मजाकिया, उपयोगी और कुछ खतरनाक प्रयास भी शामिल थे।

READ MORE- AI का खतरा बैंकिंग पर मंडराया! RBI ने दुनिया भर में बजाई चेतावनी की घंटी

मजाक और SEO भी बना हिस्सा

कई वेबसाइट्स पर मजाकिया निर्देश मिले। जैसे एआई को अजीब व्यवहार करने के लिए कहना। कुछ साइट्स ने एआई को कंटेंट एक्सेस से रोकने के लिए निर्देश दे डाले। वहीं कुछ कंपनियां SEO बढ़ाने के लिए एआई को अपने पक्ष में लिखने को कह रही हैं। इससे पता चलता है कि यह तकनीक कई तरीकों से इस्तेमाल हो रही है। सबसे बड़ी चिंता मालिशियस अटैक को लेकर है। यहां तो गजब ही हो गया। एआई को डेटा चुराने के लिए कहा गया। जैसे आईपी एड्रेस और लॉगिन जानकारी इकट्ठा करना। फिर उसे हैकर्स को भेजना। हालांकि ऐसे हमले अभी कम पाई गई है। बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल नहीं दिखा।

READ MORE- मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, ईरान का ऑफर और अमेरिका का कड़ा संदेश

ध्यान भटकाने की कोशिश

इतना ही नहीं कुछ मामलों में एआई को सिस्टम फाइल्स डिलीट करने के निर्देश दिए गए। लेकिन जानकारों का यह कहना है कि ऐसे हमले सफल होना मुश्किल है। मौजूदा सुरक्षा उपाय इनको रोक सकते हैं। फिर भी यह भविष्य के लिए चेतावनी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच ऐसे हमलों में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में ये ज्यादा खतरनाक बन सकते हैं। AI सुरक्षा को मजबूत करना अब जरूरी हो गया है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Iran US Conflict
Previous Story

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, ईरान का ऑफर और अमेरिका का कड़ा संदेश

Oracle Layoffs
Next Story

AI की आंधी में उड़ रहीं नौकरियां, Oracle की छंटनी ने बढ़ाई टेंशन!

Latest from Artificial Intelligence

Binance का AI वॉलेट लॉन्च

Binance का AI वॉलेट लॉन्च! 250M यूजर्स के लिए नया दौर, Pepeto में पैसों की बारिश

Binance AI Wallet:  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की का प्रभाव अब हर क्षेत्र में पहुंच चुका है। जिसके कारण क्रिप्टो करेंसी मार्केट की दुनिया में बड़ा

Don't Miss