CCPA Scanner: आज सरकार ने संसद में बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ऐसे ही भ्रामक तरीकों के इस्तेमाल पर 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें Zepto, BookMyShow, IndiGo, Physics Wallah, FirstCry, PharmEasy, SpiceJet, McAfee और Anuj Jindal शामिल हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल कंपनियों को अब ग्राहकों की सहमति, सही कीमत और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखना होगा। यही वजह है कि Dark Patterns पर लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है।
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान छिपे शुल्क, ऑटो सब्सक्रिप्शन और भ्रामक ऑफर अब महंगे पड़ सकते हैं, जानें सरकार ने किन कंपनियों पर कार्रवाई की और उपभोक्ताओं के क्या अधिकार हैं।
क्या हैं Dark Patterns और क्यों हैं खतरनाक?
Dark Patterns ऐसे डिजिटल डिजाइन होते हैं, जो यूजर को बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला लेने के लिए प्रेरित करते हैं। कई बार ग्राहक सोचता कुछ और है, लेकिन ऐप या वेबसाइट की डिजाइन उसे अलग विकल्प चुनने पर मजबूर कर देती है। सरकार की 2023 की गाइडलाइन में ऐसे 13 तरह के Dark Patterns को गलत माना गया है। इनमें शामिल हैं:-
- Basket Sneaking
- Drip Pricing
- Subscription Trap
- False Urgency
- Confirm Shaming
- Trick Questions
- Forced Action
- Disguised Advertisement
इनका मकसद अक्सर ग्राहक से ज्यादा पैसा खर्च करवाना या उसकी निजी जानकारी हासिल करना होता है।
किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई और कितना लगा जुर्माना?
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार CCPA ने अलग-अलग कंपनियों पर जुर्माना लगाया है।
- Zepto – 7 लाख
- Physics Wallah – 5 लाख
- FirstCry – 2 लाख
- PharmEasy – 1 लाख
इसके अलावा BookMyShow, IndiGo, SpiceJet, McAfee और Anuj Jindal के खिलाफ भी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। सरकार ने बताया कि इन कंपनियों से अब तक करीब 20 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। कई प्लेटफॉर्म ने CCPA की आपत्ति के बाद अपनी वेबसाइट और ऐप में बदलाव भी कर दिए हैं।
Zepto और BookMyShow पर क्या थे आरोप?
CCPA के मुताबिक Zepto शुरुआत में कम कीमत दिखाता था, लेकिन भुगतान के समय Handling Charge और Membership Fee जोड़ देता था। इसे Drip Pricing और Basket Sneaking माना गया। वहीं, BookMyShow टिकट बुकिंग के दौरान BookASmile के लिए 1 का डोनेशन पहले से चुना हुआ रखता था। अगर ग्राहक ध्यान न दे, तो यह राशि अपने-आप बिल में जुड़ जाती थी। CCPA ने इसे भी Basket Sneaking माना और कंपनी को यह तरीका बंद करने का निर्देश दिया।
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Physics Wallah, FirstCry और PharmEasy पर भी कार्रवाई
Physics Wallah पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया। ऐप में PW Foundation के लिए 10 का डोनेशन पहले से चुना रहता था। साथ ही, मुफ्त कोर्स देखने के लिए भी यूजर से निजी जानकारी मांगी जाती थी। FirstCry पर 2 लाख का जुर्माना इसलिए लगा क्योंकि चेकआउट के दौरान अतिरिक्त GST शुल्क जोड़ा जा रहा था। PharmEasy पर 1 लाख का जुर्माना लगा। आरोप था कि कंपनी बिना स्पष्ट सहमति के PLUS Membership अपने-आप जोड़ रही थी। वहीं, IndiGo ने ट्रैवल प्रोटेक्शन ठुकराने वाले विकल्प की भाषा बदल दी ताकि ग्राहक पर मनोवैज्ञानिक दबाव न बने।
Basket Sneaking और Drip Pricing आखिर क्या हैं?
ये दोनों सबसे आम Dark Patterns माने जाते हैं।
- Basket Sneaking में किसी प्रोडक्ट, सदस्यता या डोनेशन को बिना अनुमति ग्राहक की कार्ट में जोड़ दिया जाता है। अगर ग्राहक ध्यान नहीं देता, तो भुगतान उसी के साथ हो जाता है।
- Drip Pricing में शुरुआत में कम कीमत दिखाई जाती है। बाद में भुगतान के समय अलग-अलग शुल्क जोड़कर अंतिम कीमत बढ़ा दी जाती है।
इसी तरह Subscription Trap में सदस्यता लेना आसान होता है, लेकिन उसे बंद करना मुश्किल बना दिया जाता है।
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सरकार क्यों बढ़ा रही है सख्ती?
सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में ग्राहकों के अधिकार सुरक्षित रखना जरूरी है। जून 2025 में CCPA ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपनी वेबसाइट और ऐप का Self Audit करने का निर्देश दिया था। इसके बाद कई कंपनियों ने अपने इंटरफेस में बदलाव किए।
सरकार ने संसद में यह भी बताया कि 2023 से मार्च 2026 के बीच National Consumer Helpline को 308 शिकायतें मिलीं, जो Dark Patterns से जुड़ी थीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन खरीदार हर साल 25,000 करोड़ से 28,000 करोड़ तक का नुकसान ऐसे भ्रामक तरीकों की वजह से उठाते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि देश के 304 मिलियन ऑनलाइन खरीदारों में से करीब 88% लोग हर महीने औसतन 78 से 87 तक अतिरिक्त खर्च कर देते हैं।
