FSSAI Action Amazon : क्या ऑनलाइन मंगाया गया हर फूड प्रोडक्ट नियमों के मुताबिक है? इसी सवाल के बीच FSSAI ने Amazon, Flipkart India, Swiggy Instamart, Zepto और BigBasket के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। रेगुलेटर ने इन प्लेटफॉर्म पर फूड लिस्टिंग से जुड़े कथित नियम उल्लंघन को लेकर पेनल एक्शन शुरू किया है।
ऑनलाइन फूड लिस्टिंग पर FSSAI की सख्ती बढ़ी, Amazon, Flipkart, Zepto, BigBasket और Swiggy Instamart से जुड़े मामले में जानें क्या है आरोप।
FSSAI ने Amazon, Zepto पर क्यों की कार्रवाई?
FSSAI के मुताबिक, मामलों में गलत ब्रांडिंग, भ्रामक दावे और प्रतिबंधित या जहरीले फूड प्रोडक्ट की बिक्री या लिस्टिंग जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, कार्रवाई शुरू होना अंतिम फैसला नहीं है। संबंधित मामलों में आगे की प्रक्रिया और सबूतों के आधार पर फैसला होगा। रेगुलेटर ने Happilo Premium Date Bites, Zesty Orange से जुड़े दावों का भी जिक्र किया है। इसके अलावा कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित प्रोडक्ट दिखाई देने को लेकर भी कार्रवाई की गई है।
Swiggy Instamart और Big Basket भी जांच के दायरे में
इस कार्रवाई में बड़े E-commerce मार्केटप्लेस के साथ Quick-commerce प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Swiggy Instamart और BigBasket पर कुछ Milky Mist डेयरी प्रोडक्ट से जुड़ी भ्रामक या नियमों के अनुरूप न होने वाली जानकारी को लेकर भी कार्रवाई शुरू हुई है। अभी उपलब्ध जानकारी में हर मामले में प्रस्तावित जुर्माने की रकम, संबंधित लिस्टिंग की कुल संख्या और कार्रवाई की कानूनी स्थिति पूरी तरह सामने नहीं आई है। इन कंपनियों की ताजा प्रतिक्रिया भी उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
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ऑनलाइन फूड लिस्टिंग पर बढ़ी नजर
ऑनलाइन ग्रॉसरी और Quick-commerce का इस्तेमाल बढ़ने के साथ फूड सेफ्टी पर निगरानी भी बढ़ी है। FSSAI पहले भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को फूड सेफ्टी और हाइजीन नियमों का पालन करने की हिदायत दे चुका है। ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहकों को प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट, लेबल, विक्रेता की जानकारी और सेफ्टी चेतावनियां जरूर देखनी चाहिए। FSSAI के नियमों के तहत ऑनलाइन बिक्री में जरूरी खाद्य जानकारी को सही तरीके से दिखाना महत्वपूर्ण है। FSSAI की ताजा कार्रवाई से साफ है कि ऑनलाइन फूड लिस्टिंग भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में हैं। हालांकि, जिन मामलों में अभी कार्रवाई शुरू हुई है, उन्हें अंतिम दोष या जुर्माने का फैसला नहीं माना जा सकता।
