UTU Paper Leak: पेपर लीक का मामला अभी थमा भी नहीं था कि उत्तराखंड से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आ गई। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी, देहरादून ने दो इंजीनियरिंग परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। यूनिवर्सिटी की शुरुआती जांच में प्रश्न पत्र की गोपनीयता से कथित तौर पर समझौता होने की बात सामने आई है। मामले में एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज हुई है और जांच अभी जारी है।
पेपर लीक मामले में उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने उठाया सख्त कदम, दो परीक्षाएं रद्द, सहायक प्रोफेसर पर FIR और 7 साल की पाबंदी।
दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन, देहरादून में Paper Leak
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्र पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र लगातार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठा रहे हैं। इसी बीच देहरादून से पेपर लीक की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है। यूनिवर्सिटी ने शुरुआती जांच के आधार पर दोनों परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला लिया है।
शिकायत के बाद जांच समिति ने शुरू की पड़ताल
मामले की शुरुआत मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स की परीक्षा को लेकर मिली शिकायत से हुई। शिकायत मिलने के बाद कुलपति के निर्देश पर यूनिवर्सिटी ने उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने भी अपने स्तर पर आंतरिक जांच की। जांच में आरोप है कि प्रश्न पत्र तैयार करने वाले बाहरी विशेषज्ञ और कॉलेज के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर कुछ सवाल छात्रों तक पहुंचाए। जांच के मुताबिक, ये सवाल कॉलेज के इंटरनल पोर्टल और एक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए छात्रों तक पहुंचाए गए थे।
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90% सवाल पहले शेयर किए गए प्रश्नों से मेल खाने का दावा
यूनिवर्सिटी की शुरुआती जांच में दावा किया गया कि मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स की परीक्षा में करीब 90% प्रश्न उन सवालों से मेल खाते थे, जो परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर किए गए थे। जांच समिति ने इसे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता का गंभीर उल्लंघन माना। इसी जांच के दौरान इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी के प्रश्न पत्र को लेकर भी इसी तरह की गड़बड़ी की आशंका सामने आई। दोनों प्रश्न पत्र एक ही शिक्षक द्वारा तैयार किए गए थे। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने दोनों परीक्षाएं रद्द कर दीं।
प्रोफेसर पर FIR, 7 साल तक परीक्षा जिम्मेदारी पर रोक
यूनिवर्सिटी ने सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही उन्हें अगले 7 वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी कड़ी चेतावनी दी है। संस्थान को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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कुलपति ने कहा- छात्रों का हित सबसे बड़ी प्राथमिकता
कुलपति त्रिप्ता ठाकुर ने कहा कि पेपर को लेकर शिकायत मिलते ही यूनिवर्सिटी ने जांच शुरू कर दी थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों परीक्षाएं रद्द की गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों का हित यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
यूनिवर्सिटी ने सभी संबद्ध कॉलेजों को परीक्षा रद्द होने और पुनर्परीक्षा की जानकारी छात्रों तक तुरंत पहुंचाने को कहा है। छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही सभी संस्थानों को संबंधित आदेश अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने को कहा गया है।
