UP Data Center Policy: क्या उत्तर प्रदेश देश का अगला बड़ा टेक हब बनने जा रहा है? इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 और स्टार्टअप नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार का लक्ष्य 2 लाख करोड़ से अधिक का निवेश लाना और राज्य को AI व डेटा सेंटर का प्रमुख केंद्र बनाना है।
यूपी डेटा सेंटर नीति 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिली, जानिए कैसे 2 लाख करोड़ निवेश, AI और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर यूपी को नया टेक हब बनाया जाएगा।
डेटा सेंटर नीति 2026 से क्या बदलेगा?
उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 का मकसद राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। सरकार का लक्ष्य 2 GW डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। इससे प्रदेश में आधुनिक तकनीक, AI आधारित सेवाओं और आईटी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। नई नीति में GPU आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और ग्रीन डेटा सेंटर पर खास जोर दिया गया है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में निवेश करने वाली कंपनियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इससे 7,500 स्थायी और करीब 50,000 अस्थायी रोजगार पैदा होंगे।
स्टार्टअप नीति 2026 में युवाओं के लिए बड़े ऐलान
कैबिनेट ने स्टार्टअप नीति 2026 को भी मंजूरी दी। अब स्टार्टअप को पहले से ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी।
मुख्य प्रावधान:
- 20,000 प्रतिमाह तक भत्ता 2 साल के लिए।
- प्रोटोटाइप अनुदान 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख।
- सीड फंडिंग 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख, विशेष मामलों में 50 लाख तक।
- 1,000 करोड़ का स्टार्टअप फंड।
- पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन पर 2 करोड़ तक सहायता।
सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को नया कारोबार शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी।
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डीप-टेक और AI स्टार्टअप को मिलेगा खास फायदा
नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप के लिए अलग प्रोत्साहन रखा गया है।
ऐसे स्टार्टअप को:
- 20 लाख तक प्रोटोटाइप सहायता।
- 30 लाख तक सीड फंडिंग।
- 100 करोड़ तक पेशेंट कैपिटल।
- रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर 40% तक वित्तीय सहायता मिलेगी।
राज्य में 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एक डीप-टेक U-Hub भी स्थापित किया जाएगा।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों को भी मंजूरी मिली। पंचायतों के लिए 14,988.50 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई। पशुपालकों के लिए नई पशुधन बीमा योजना लाई गई। होमगार्ड जवानों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा। साथ ही 3 नए निजी विश्वविद्यालयों, गोरखपुर और मुरादाबाद के लिए नगर निगम बॉन्ड तथा कई स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
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योगी सरकार की नई डेटा सेंटर और स्टार्टअप नीति उत्तर प्रदेश को डिजिटल और AI क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी है। अगर निवेश और योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश देश के प्रमुख टेक और स्टार्टअप हब के रूप में उभर सकता है।
