AI Job Cuts: एआई इंडस्ट्री दिग्गज कई बार कह चुके हैं कि एआई से नौकरियां खत्म नहीं होंगी। लेकिन अंदरखाने कंपनियां की रणनीति कुछ चल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर अधिकारियों ने माना कि आर्टिफिशिय इंटेलिजेंस आनेवाले समय में वर्कफोर्स कम करेगा और कंपनी की संरचना में बदलाव करेगा। इतना ही नहीं रिपोर्ट में कुछ बातें ऐसी कही गई जो युवा और कर्मचारियों के लिए सकारात्मक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों की जगह एआई से काम करवाने पर जोड़ देने बात कही गई है। जिसका सीधा असर युवाओं और जूनियर कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
जानिए क्यों कहा जा रहा है कि एआई का सबसे बड़ा असर एंट्री-लेवल और नए ग्रेजुएट कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
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नए ग्रेजुएट्स के लिए पहले से मुश्किल जॉब
वहीं, अमेरिका के New York Fed की रिपोर्ट की मानें तो 22 से 27 साल के युवाओं के लिए नौकरी बाजार 2025 की शुरुआत में ही कमजोर पड़ने लगा था। अब इसकी चिंता और बढ़ गई है। कई कंपनियां जूनियर रोल्स को कम करने की योजना बना रही हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वही काम एआई कम लागत में कर सकता है।
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AI के नाम पर शुरू हुई छंटनी की नई लहर
पिछले कुछ महीनों में कई टेक दिग्गज बड़े पैमाने पर छंटनी की है। जिसमें, Meta, अमेजन का भी नाम शामिल है। कई कंपनियां स्वेच्छिक सेवानिवृति का ऑफर देकर जॉब से निकाल रही है। हालांकि, इस बीच बातें यह निकलकर आ रही है कि एआई में भारी निवेश के बावजूद परिणाम सकारात्मक नहीं आ रहे हैं। एआई पर खर्च और उससे मिलने वाले वास्तविक फायदे के बीच सीधा संबंध अभी स्पष्ट नहीं है। वही, JPMorgan की एक रिपोर्ट की रिपोर्ट की माने तो बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उत्साह जरूर है लेकिन दैनिक जीवन और ऑफिस में अभी इसका उपयोग व्यापक रूप से नहीं हो रहा है। इससे सवाल उठ रहा है कि कंपनियां जिस तेजी से एआई पर पैसे लुटा रही है उसका लाभ क्या उतनी ही तेजी से मिलेगा।
आने वाले समय में कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम वाले मॉडल पर तेजी से आगे बढ़ सकती हैं। इसलिए आनेवाला वक्त एआई कौशल से युक्त लोगों के लिए बड़ा अवसर लेकर आ सकता है।
