व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर AI का वार, क्या तैयार है भारत का वर्कफोर्स?

व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर AI का वार, क्या तैयार है भारत का वर्कफोर्स?

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May 27, 2026

White collar jobs AI:  अब भारत के कॉपरेट सेक्टर में बड़ा बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही है। यह बदलाव नौकरी खत्म करके नहीं होने जा रही है। यह काम करने के तरीके को बदलने जा रही है। दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तेजी से कंपनियों के सिस्टम में शामिल हो रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में लाखों कर्मचारियों को नई स्किल सीखनी पड़ सकती है।

भारत में एआई और ऑटोमेशन की रफ्तार हो रही है तेज, जानिए किन सेक्टर्स की नौकरियां सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं।

सौरभ मुखर्जी ने दी बड़ी चेतावनी

इन्वेस्टमेंट फर्म Marcellus Investment Managers के संस्थापक Saurabh Mukherjea ने एक पॉडकास्ट में कहा है कि एआई अब केवल टेक्नोलॉजी का प्रयोग नहीं रह गया है। यह कंपनी के असली कामकाज का हिस्सा बन चुका है। उनके मुताबिक भारत के व्हाइट-कॉलर सेक्टर में बड़ा बदलाव बेहद तेजी से आने वाला है। उन्होंने ServiceNow की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2030 तक भारत में लगभग 1.8 करोड़ नौकरियां AI के असर में आ सकती हैं। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नौकरी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। लेकिन उनके तरीके बदल जाएगी।

किन कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा खतरा

सौरभ मुखर्जी के अनुसार सबसे बड़ा खतरा उन कर्मचारियों के लिए है, जिनका काम पूरी तरह डिजिटल और दोहराव वाला है। डेटा प्रोसेसिंग, बेसिक कोडिंग, रिपोर्ट तैयार करना, ग्राहक सहायता और बैक ऑफिस जैसे कई सेक्टर जो एआई से प्रभावित हो सकते हैं। साथ उन्होंने यह भी कहा कि अभी जो छंटनी चल रही है वो महज एक शुरूआत है। हालांकि कोडिंग लिखने में मनुष्य की तरह एक्पर्ट नहीं लेकिन अगले 3 सालों में यह 90 फीसदी सफलता हांसिल कर सकती है।

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बड़ी टेक कंपनियां झोंक रहीं अरबों डॉलर

एप्पल, एंथ्रोपिक, अमेजन, मैक्रोसॉफ्ट सहित कई टेक दिग्गज भी इसमें बड़े स्तर पैसे लगा रहे हैं। डेटा सेंटर से लेकर लैग्वेज मॉडल पर अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं। पिछले एक साल में वैश्विक निवेश दोगुना हो चुका है। एक सर्वे के मुताबिक भारत के GCC सेक्टर में तेजी से एआई का प्रभाव बढ़ रहा है। सर्वे में यह कहा जा रहा है कि लगभग 24 प्रतिशत काम ऐसे हैं जिन्हें पूरी तरह ऑटोमेट किया जा सकता है। 42 प्रतिशत काम एआई की मदद से बदले भी जा सकते हैं।

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नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे

जानकारों की मानें त आने वाले समय में एआई ट्रेनर, डेटा ऑडिटर, एआई  सुपरवाइजर, साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ और ऑटोमेशन मैनेजर पोस्ट की मांग बढ़ सकती है। इस बदलाव के बीच सबसे अहम चीज स्किल अपग्रेड होगी। जो तकनीक सीखेंगे और एआई के साथ काम करना सीखेंगे, उनके लिए अवसर बढ़ सकते हैं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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