Salesforce का बड़ा अलर्ट: AI न अपनाओ तो हो जाओगे आउट

Salesforce का बड़ा अलर्ट: AI न अपनाओ तो हो जाओगे आउट

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May 19, 2026

Salesforce Vala Afshar: Salesforce के वरिष्ठ अधिकारी वाला अफशर (Vala Afshar) ने कहा है कि दुनिया अब तकनीक के सबसे तेज बदलाव के दौर से गुजर रही है। उनके अनुसार, यह बदलाव पहले आए Cloud, मोबाइल और इंटरनेट क्रांति से भी कई गुना तेज है। उन्होंने इसे ‘डिजिटल डार्विनिज्म’ कहा, जिसमें वही कंपनियां टिकेंगी जो तेजी से खुद को बदल सकेंगी।

अफशर के मुताबिक, अब कंपनियों के लिए दो ही रास्ते बचे हैं। या तो वे Agentic Business बनें या फिर धीरे-धीरे Irrelevant हो जाएं। उनका कहना है कि अगर कंपनियां AI तकनीक को नहीं अपनातीं, तो वे प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकती हैं।

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Salesforce का तेजी से बढ़ता AI इकोसिस्टम

2024 के बाद Salesforce में कर्मचारियों की संख्या लगभग 20,000 से बढ़कर 85,000 हो गई है। कंपनी का Agentforce प्लेटफॉर्म अब दुनिया भर में 25,000 से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच चुका है। यह दिखाता है कि AI आधारित सिस्टम तेजी से अपनाए जा रहे हैं।

कंपनी का दावा है कि उसके AI एजेंट्स ने सिर्फ़ 16 महीनों में 3.5 मिलियन से ज़्यादा कस्टमर सर्विस मामलों को सुलझाया है। जो काम पहले लगभग 3,000 कर्मचारी करते थे, वह अब AI और इंसानी भूमिकाओं को नए सिरे से तय करके किया जा रहा है।

नौकरी खत्म नहीं, बदल रही है भूमिका

अफशर ने साफ कहा कि AI इंसानों की नौकरियां नहीं छीन रहा, बल्कि काम का तरीका बदल रहा है। पहले जो कर्मचारी रिपीट होने वाले काम करते थे, उन्हें अब Forward Deployment Engineer, Architect, Sales Professional और Trainer जैसी नई भूमिकाओं में बदला जा रहा है। उनका कहना है कि AI सिर्फ ‘72% रिपीट काम’ को संभाल रहा है, जिससे इंसान ज्यादा क्रिएटिव और रणनीतिक काम कर सकें।

5R मॉडल: काम का नया ढांचा

Salesforce ने काम को समझने के लिए ‘5R मॉडल’ पेश किया है।

  • Redesign: पुराने काम को दोबारा डिजाइन करना
  • Reskill: कर्मचारियों को नई स्किल सिखाना
  • Redeploy: उन्हें नए और बेहतर रोल में लगाना
  • Restructure: कंपनी की संरचना बदलना
  • Reclaim value: नई तकनीक से छिपी हुई वैल्यू निकालना

इस मॉडल का उदाहरण भारत में भी देखा गया, जहां AI सपोर्ट के बाद कंपनी ने हिन्दी भाषा सपोर्ट लॉन्च किया, क्योंकि भारत में 53% लोग हिंदी का उपयोग करते हैं।

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काम करने का नया तरीका

आज Salesforce के लगभग 60,000 कर्मचारी Slack bot जैसे AI सिस्टम का रोज इस्तेमाल करते हैं। कंपनी का कहना है कि अब काम ‘ह्यूमन बनाम मशीन’ नहीं, बल्कि ‘ह्यूमन + AI टीमवर्क’ बन गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि अब वह लाइसेंस बेचने के मॉडल से हटकर ‘Outcome-based AI system’ की ओर बढ़ रही है, जहां ग्राहक परिणाम के हिसाब से भुगतान करेंगे।

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भविष्य का काम और AI की भूमिका

अफ़शर ने कहा कि आने वाले समय में, कंपनियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होगा कि क्या बदलता है, बल्कि यह होगा कि क्या नहीं बदलता। उनके अनुसार, सबसे बड़ी ताकत अब टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि लोग और उनकी सीखने की क्षमता होगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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