Crypto Clarity Act: अमेरिका में Crypto मार्केट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अमेरिकी Senate Banking Committee ने Crypto Clarity Act पर 14 मई सुबह 10:30 बजे (ET) एक अहम वोटिंग तय की है। अगर यह बिल आगे बढ़ता है, तो अमेरिका को अपना पहला बड़ा और व्यापक क्रिप्टो मार्केट कानून मिल सकता है। इस कानून का उद्देश्य डिजिटल एसेट्स के लिए साफ नियम बनाना और निवेशकों को बेहतर सुरक्षा देना है।
अमेरिकी Senate में 14 मई को Crypto Clarity Act पर ऐतिहासिक वोट! Bitcoin, Ethereum और Stablecoin रेगुलेशन पर फैसला आज होगा।
क्या है Crypto Clarity Act?
करीब 309 पेज के इस संशोधित ड्राफ्ट को कई महीनों की बातचीत और समझौते के बाद तैयार किया गया है। यह बिल पहली बार जुलाई 2025 में पेश किया गया था और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) से पास भी हो गया था। हालांकि, बाद में सीनेट (Senate) में यह अटक गया था।
जनवरी में यह प्रक्रिया तब धीमी पड़ गई जब क्रिप्टो एक्सचेंज (Crypto Exchange) Coinbase ने कुछ मुद्दों को लेकर समर्थन वापस ले लिया था। कंपनी को ओपन-सोर्स डेवलपर्स की सुरक्षा, स्टेबलकॉइन (Stablecoin) यील्ड पर रोक और DeFi नियमों को लेकर चिंता थी। अब नए समझौते के बाद Crypto Bill 2026 फिर से चर्चा में आ गया है और इसके आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ी है।
SEC और CFTC की भूमिका होगी साफ
इस बिल का सबसे बड़ा मकसद यह तय करना है कि कौन-से डिजिटल एसेट्स सिक्योरिटी माने जाएंगे और कौन-से कमोडिटी। इससे यह स्पष्ट होगा कि किस एसेट की निगरानी SEC CFTC 2026 के तहत कौन-सी एजेंसी करेगी। अभी तक अमेरिका में क्रिप्टो नियमों को लेकर काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ मामलों में SEC (Securities and Exchange Commission) कार्रवाई करती है, जबकि कुछ मामलों में CFTC (Commodity Futures Trading Commission) की भूमिका सामने आती है। नया कानून इस अस्पष्टता को खत्म करने की कोशिश करेगा।
Crypto इंडस्ट्री ने जताया समर्थन
इस फैसले के बाद Crypto इंडस्ट्री में उत्साह देखा गया है। Coinbase के चीफ लीगल ऑफिसर पॉल ग्रेवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब बिल को लेकर नई गति दिखाई दे रही है। Coinbase के पॉलिसी ऑफिसर फरयार शिरजाद ने इसे बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह कानून निवेशकों की सुरक्षा, इनोवेशन और अमेरिका में क्रिप्टो कारोबार को बनाए रखने के लिए जरूरी है। क्रिप्टो समर्थक सीनेटर सिंथिया लुमिस ने भी अपने साथियों से इस बिल को आगे बढ़ाने की अपील की है।
Stablecoin को लेकर क्यों है विवाद?
Crypto Clarity Act में सबसे बड़ा विवाद स्टेबलकॉइन यील्ड (Stablecoin Yield) को लेकर था। पहले प्रस्ताव में स्टेबलकॉइन रखने पर मिलने वाले रिटर्न पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही गई थी, जिसका Coinbase ने विरोध किया था। अब नए समझौते में कहा गया है कि कंपनियां बैंक जमा जैसे ब्याज की तरह यील्ड नहीं दे सकेंगी। हालांकि, असली लेन-देन और प्लेटफॉर्म गतिविधियों से जुड़े रिवॉर्ड्स की अनुमति होगी।
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ट्रंप से जुड़ी चिंताओं ने बढ़ाई बहस
इस बिल को लेकर राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है। कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने चिंता जताई है कि कानून में सरकारी अधिकारियों के क्रिप्टो निवेश या मुनाफे पर कोई रोक नहीं है। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने आरोप लगाया कि इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क्रिप्टो कारोबार को फायदा मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप से जुड़े क्रिप्टो वेंचर्स से भारी कमाई का अनुमान लगाया गया है।
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आगे क्या होगा?
14 मई की वोटिंग इस बिल के लिए पहला बड़ा पड़ाव होगी। अगर Senate Banking Committee इसे मंजूरी दे देती है, तो बिल सीनेट में जाएगा जहां इसे आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत होगी। व्हाइट हाउस (White House) ने इस कानून को 4 जुलाई तक पास कराने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल, बाजार और Crypto इंडस्ट्री की नजरें इस अहम वोटिंग पर टिकी हुई हैं।
