GPT-5.5-Cyber Launch: OpenAI ने साइबर सिक्योरिटी के लिए अपना नया AI मॉडल GPT-5.5-Cyber लॉन्च कर दिया है। कंपनी का यह नया मॉडल खासतौर पर डिजिटल सुरक्षा और साइबर हमलों से बचाव के लिए तैयार किया गया है। यह मॉडल फिलहाल लिमिटेड प्रीव्यू में उपलब्ध कराया गया है। यानी अभी केवल चुनिंदा साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करने वाले संगठनों को ही इसका एक्सेस मिलेगा। OpenAI का कहना है कि इस सिस्टम का इस्तेमाल सॉफ्टवेयर की कमजोरियां खोजने, मालवेयर एनालिसिस करने, सिक्योरिटी पैच जांचने और साइबर डिफेंस मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.5 Cyber, Anthropic के Mythos AI को देगा कड़ी टक्कर, जानें क्या है खास।
क्या खास है GPT-5.5-Cyber में?
कंपनी के मुताबिक, GPT-5.5-Cyber को खास साइबर सिक्योरिटी वर्कफ्लो के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें पेनेट्रेशन टेस्टिंग, रेड टीमिंग और वल्नरेबिलिटी वैलिडेशन जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं।
OpenAI ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि इस मॉडल में सुरक्षा के लिए मजबूत सेफगार्ड और एक्सेस कंट्रोल लगाए गए हैं, ताकि इसका गलत इस्तेमाल न हो सके। इस मॉडल तक पहुंच पाने वाले यूजर्स को Trusted Access for Cyber (TAC) प्रोग्राम के तहत जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
कंपनी का दावा है कि यह मॉडल वैध साइबर सिक्योरिटी टास्क जैसे Malware Analysis, Secure Code Review और Reverse Engineering में ज्यादा मदद करेगा। हालांकि, यह क्रेडेंशियल चोरी, मालवेयर डेवलपमेंट और थर्ड पार्टी सिस्टम्स पर हमले जैसे खतरनाक अनुरोधों को ब्लॉक करेगा।
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अमेरिकी सरकार को पहले ही दी गई जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्च से पहले OpenAI ने White House, Commerce Department और अमेरिकी कांग्रेस की कुछ समितियों के साथ कई मीटिंग्स की थीं। दरअसल, अमेरिका इस बात को लेकर चिंतित है कि एडवांस AI सिस्टम्स का इस्तेमाल साइबर अपराधी या विदेशी ताकतें गलत तरीके से न करें। इसी वजह से AI कंपनियों पर अब ज्यादा जिम्मेदारी डाली जा रही है।
Anthropic से बढ़ी टक्कर
यह लॉन्च ऐसे समय पर हुआ है जब AI साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में Anthropic ने Claude Mythos नाम का एडवांस सिस्टम लॉन्च किया था, जो कमजोरियां खोजने और हैकिंग टेस्टिंग जैसे काम कर सकता है। इसी वजह से Anthropic Mythos AI vs GPT-5.5 और GPT-5.5-Cyber vs Mythos AI India जैसी चर्चाएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित साइबर सुरक्षा टेक्नोलॉजी और ज्यादा ताकतवर हो सकती है।
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सुरक्षा नियम और भी सख्त
OpenAI ने साफ किया है कि GPT-5.5-Cyber इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को 1 जून तक फिशिंग-रोधी सुरक्षा सिस्टम अपनाना होगा। कंपनियों को एंटरप्राइज सिंगल साइन-ऑन जैसे सिक्योर ऑथेंटिकेशन सिस्टम इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कंपनी के अनुसार, यह अब तक का उसका सबसे ‘permissive’ साइबर सिक्योरिटी मॉडल है, लेकिन इसका एक्सेस सामान्य ChatGPT की तुलना में कहीं ज्यादा सख्त रखा गया है।
