Oil Production Cut Disputes

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April 29, 2026

UAE Exit OPEC: OPEC के साथ यूएई का छह दशकों पुराना सफर खत्म हो गया है। यह तेल उत्पादन से जुड़ा व्यावसायिक फैसला नहीं, मध्य-पूर्व की बदलती बिसात का एक बड़ा संकेत है। यूएई का यह निर्णय तेल कार्टेल और उसके अघोषित मुखिया सऊदी अरब के दबदबे को चुनौती देता हुआ प्रतीत हो रहा है। रियाद के सबसे भरोसेमंद रक्षा भागीदार, पाकिस्तान के लिए भी नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि अबू धावी ने यह फैसला सऊदी की छाया से बाहर निकलकर अपनी स्वतंत्र राह बनाना को लेकर लिया है।

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पर्दे के पीछे की तकरार आए सामने

​हालांकि ईरान के साथ जारी संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता ने सऊदी अरब और यूएई को एक मंच पर दिखाने की कोशिश की।  लेकिन तेल उत्पादन की सीमाओं ने इस गठबंधन की दरारें गहरी कर दीं। एकओर सऊदी अरब कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उत्पादन घटाने  के पक्ष में है तो वहीं यूएई अपनी बढ़ती आर्थिक जरूरतों और बुनियादी ढांचे के निवेश के लिए अधिक तेल बेचना चाहता था। जानकारों की मानें तो अबू धाबी अब सऊदी के प्राइस कंट्रोल एजेंडे के लिए अपनी अर्थव्यवस्था की गति को धीमा करने के मूड में नहीं है।

पाकिस्तान का सऊदी झुकाव और यूएई की नाराजगी

​इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है। यूएई की नाराजगी का एक बड़ा कारण पाकिस्तान की सऊदी अरब के साथ बढ़ती नजदीकियां बताई जा रही हैं। यूएई को लगता है कि इस्लामाबाद रक्षा और आर्थिक मोर्चे पर रियाद को जरूरत से ज्यादा तरजीह दे रहा है। यूएई के दोस्ती का मामला नहीं है। यह क्षेत्रीय संतुलन में खुद को हाशिए पर महसूस करने जैसा है।

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मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल

​यूएई के इस सख्त रुख के पीछे ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के दौरान पाकिस्तान की भूमिका भी जिम्मेदार है। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच एक नरम मध्यस्थ बनने की कोशिश की। लेकिन यूएई चाहता था कि खाड़ी देशों पर हुए हमलों के लिए ईरान को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाए। लेकिन पाकिस्तान की संतुलित कूटनीति ने अबू धाबी को चिढ़ा दिया। दोनों क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर आर-पार के मूड में है।

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ओपेक से बाहर निकलना भी बड़ा रणनीति

पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों ने उसे यूएई की नजरों में एक अविश्वसनीय साथी बना दिया है। ऐसे में ओपेक से बाहर निकलकर यूएई ने साफ कर दिया है कि वह अपनी तेल नीतियों और विदेशी संबंधों को किसी पुराने गठबंधन या ब्रदरली कंट्री  के दबाव में आकर तय नहीं करेगा।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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