Sensex nifty rise reasons market: मंगलवार की शुरुआत शेयर बाजार के लिए कमजोर रही। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ने गिरावट के साथ ओपनिंग की। बाजार की नरम चाल को देखते हुए निवेशकों भी सतर्कता बरतते हुए दिखाई दिए। लेकिन कुछ ही समय बाद बाजार का मूड एकदम से बदल गया। गिरावट की स्थिति से बाजार ऊपर की ओर उठने लगा। लेकिन चढ़ाव वैसे ही नहीं होने लगा इसके पीछे कई महत्वपूर्ण वजहें भी शामिल है।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को Sensex और Nifty में गिरावट के बाद आई तेजी, जानें बाजार के हरे होने के पीछे 6 बड़े कारण।
निचले स्तर पर खरीदारी से मिला सहारा
अक्सर देखा जाता है कि जब बाजार गिरता हैं तो निवेशक अपने लिए इसे मौका मानते हैं। मंगलवार को भी यही देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर शेयर उठाए। इससे बाजार में मांग बढ़ी और इंडेक्स तेजी से ऊपर आने लगे। इतना ही नहीं निवेशकों के लिए प्लस पॉइंट सोमवार की रिकवरी भी रहा। जिसने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। यही वजह है कि जैसे बाजार गिरी निवेशक खरीददारी में लग गए।
डर कम हुआ, बाजार में बढ़ा भरोसा
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX नीचे आया। ऐसा होने का मतलब है निवेशकों के लिए राहत। इससे निवेशकों के बीच डर कम हुआ है। जब अनिश्चितता घटती है तो लोग के हौसले बुलंद होने लगते हैं। वे ज्यादा निवेश करने को तैयार रहते हैं। इसलिए मंगलवार को शेयर बाजार खुलते ही पहले से तैयार निवेशक निवेश करने लगे। जिससे बाजार को सपोर्ट मिला।
ग्लोबल संकेतों ने दिया पॉजिटिव ट्रेंड
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा। अमेरिका में S&P 500 और Nasdaq Composite नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। टेक्नोलॉजी कंपनियों में तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसका सकारात्मक असर भारत सहित अन्य उभरते बाजारों पर भी पड़ा।
ब्याज दरों पर नजर, निवेशकों को राहत
दुनिया की नजर Federal Open Market Committee की बैठक पर है। उम्मीद है कि अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर रहेंगी। जब दरें नहीं बढ़तीं, तो विदेशी निवेश भारत जैसे बाजारों में बना रहता है। इससे घरेलू बाजार को मजबूती मिलती है।
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भू-राजनीतिक तनाव में नरमी
बता दे कि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत भी बाजार के लिए राहत भरे रहे। Strait of Hormuz को लेकर स्थिति थोड़ी नरम हुई है। ऐसे घटनाक्रम निवेशकों के मन से डर हटाते हैं और बाजार में सकारात्मक माहौल बनाते हैं।
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एक्सपायरी डे ने बढ़ाई हलचल
मंगलवार को Nifty expiry भी था। ऐसे दिनों में ट्रेडर्स अपने सौदे एडजस्ट करते हैं। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हो जाता है। हालांकि इस बार यही उतार-चढ़ाव बाजार के लिए सकारात्मक साबित हुआ। शेयर मार्केट के जानकारों की मानें तो बाजार में अभी भी सतर्कता जरूरी है। अगर निफ्टी 24,140 के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं नीचे की ओर 23,500 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे एक कारण नहीं अनेक कारण हैं निचले स्तर की खरीदारी, ग्लोबल सपोर्ट और कम होती अनिश्चितता ने बाजार हरा कर दिया। लेकिन अभी भी निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेत बनी हुई है।
