Apple Lockdown Mode: Apple ने 2022 में अपने यूजर्स की सुरक्षा के लिए एक खास फीचर लॉन्च किया था, जिसका नाम Lockdown Mode है। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिन्हें साइबर हमलों का ज्यादा खतरा रहता है। करीब चार साल बाद Apple का कहना है कि अब तक उसे ऐसा कोई भी केस नहीं मिला है, जिसमें Lockdown Mode चालू होने के बावजूद किसी डिवाइस को स्पायवेयर से सफलतापूर्वक हैक किया गया हो।
Apple ने Lockdown Mode को 2022 में लॉन्च किया था और अब तक इसे कोई भी हैकर बायपास नहीं कर पाया है।
Apple का दावा क्या है?
Apple के अनुसार, यह फीचर Mercenary Spyware जैसे बेहद खतरनाक और एडवांस साइबर हमलों को रोकने में काफी असरदार साबित हुआ है। कंपनी का कहना है कि Lockdown Mode ने डिवाइस के अंदर घुसने वाले रास्तों को काफी हद तक बंद कर दिया है, जिससे हैकर्स के लिए सिस्टम को तोड़ना बहुत मुश्किल हो गया है। Apple ने यह भी बताया कि उसे अभी तक किसी ऐसे मामले की जानकारी नहीं है, जहां यह मोड ऑन होने के बाद भी स्पायवेयर डिवाइस को नुकसान पहुंचा पाया हो।
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यह फीचर कैसे काम करता है?
Lockdown Mode डिवाइस की कई सुविधाओं को सीमित कर देता है, ताकि हमले के रास्ते कम हो जाएं। यह मैसेज में आने वाले अटैचमेंट्स को रोकता है, कुछ वेब टेक्नोलॉजी को बंद करता है और अनजान कनेक्शन्स को भी लिमिट करता है। इन बदलावों से फोन या डिवाइस का इस्तेमाल थोड़ा सीमित हो सकता है, लेकिन सुरक्षा काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से स्पायवेयर के लिए हमला करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
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रिसर्च क्या कहती है?
सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और रिसर्चर्स ने भी पाया है कि कई बार Lockdown Mode की वजह से स्पायवेयर अटैक अपने आप ब्लॉक हो गए हैं। कुछ मामलों में तो ऐसा भी देखा गया कि जैसे ही यह फीचर एक्टिव हुआ, स्पायवेयर ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि, Apple यह भी मानता है कि किसी भी सिस्टम में 100% सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन अभी तक कोई भी पक्का केस सामने नहीं आया है जहां इस फीचर को तोड़ा गया हो।
