ChatGPT के Ads मॉडल ने किया धमाल! 2 महीने में 100 मिलियन डॉलर की कमाई

ChatGPT के Ads मॉडल ने किया धमाल! 2 महीने में 100 मिलियन डॉलर की कमाई

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March 27, 2026

OpenAI ads revenue: एआई युग में चैटबॉट सिर्फ बातचीत का नहीं, कमाई का जरिया बन गया है। OpenAI ने महज दो महीने में अपने विज्ञापन मॉडल से यह साबित कर दिया कि उनका निर्णय सही था। कंपनी ने 2 महीने में 100 मिलियन डॉलर की कमाकर टेक दिग्गजों को चौंका दिया है। एक प्रवक्ता की माने तो अनुसार, यह राजस्व अमेरिका में ऐड बिज़नेस लॉन्च के दो महीने के भीतर की है।

AI प्लेटफॉर्म ChatGPT अब बन रहा है बड़ा विज्ञापन हब और कमाई का बड़ा जरिया। OpenAI के एड मॉडल से कमाई पर टेक इंडस्ट्री आश्चर्य में।

जनवरी में कहा था बनेगा कमाई का विकल्प

बता दें कि साल के शुरूआत में ही कंपनी ने कहा था कि वह अमेरिका में अपने मुफ़्त यूज़र्स और ChatGPT Go सब्सक्राइबर्स के साथ ऐड टेस्ट करने की योजना बना रहा है। जिससे रेवेन्यू का एक नया और फ़ायदेमंद विकल्प के रूप में उभरेगा। उनके इस बयान के बाद प्रतिद्वंद्वी कंपनी Anthropic ने मज़ाक भी उड़ाया था। तीखी प्रतिक्रियाएं भी दी थी। और Super Bowl कैंपेन में इस मॉडल का मजाक उड़ाया था।

यूजर्स के प्राइवेसी कोई असर नही

कंपनी ने जब इस मॉडल को लागू करने की बात की थी तो कई टेक विशेषज्ञों की इस बात को लेकर चिंताएं थी कि यूजर्स के प्राइवेसी का क्या होगा। प्रवक्ता ने इन चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि OpenAI 600 से ज़्यादा एडवरटाइज़र्स के साथ काम कर रहा ह। उसे प्राइवेसी से जुड़े भरोसे के पैमानों पर कोई बुरा असर नहीं दिखा है। विज्ञापन को सीमित तरीके दिखाए जा रहे हैं। जिससे यूजर्स की भरोसा प्लेटफॉर्म पर बनी रहे। उनका कहना है कि कंपनी अब इसे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में भी और ज़्यादा टेस्टिंग शुरू करने पर विचार कर रही है।

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कौन और कहां देख रहा है विज्ञापन

फिलहाल यह मॉडल अमेरिका में लागू है। अमेरिका OpenAI के लगभग 85 प्रतिशत मुफ़्त और Go यूज़र्स ऐड देखने के योग्य हैं। लेकिन 20 प्रतिशत से भी कम यूज़र्स को रोज़ाना ऐड दिखाए जाते हैं। रेवेन्यू की जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट मे भी आई थी। कुछ ने तो अपनी रिपोर्ट में कहा था कि शुरुआती सफलता के बावजूद, कुछ एडवरटाइज़र्स इसके धीमे और सावधानी भरे तरीके से लागू होने से निराश हैं। OpenAI ने कहा कि ऐड प्रोग्राम की यह धीमी गति जान-बूझकर रखी गई थी। ताकि यूजर्स को बोरिंग फील न हो और उनकी विश्वसनीयता प्लेटफॉर्म के प्रति बनी रहे। इसके आलावे कंपनी ने 18 साल से कम यूजर्स को ऐड नहीं दिखाई देंगे की भी बात कही थी। यानी कंपनी अपना कदम काफी सोच समझकर रख रही है। जिसका नतीजा भी अब दिखने लगे हैं।

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मकसद पहले यूज़र्स के अनुभव को समझना

कंपनी का यह कहना है कि फिलहाल यह ChatGPT में ऐड की शुरुआती टेस्टिंग के दौर में हैं। कंपनी मकसग है कि बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले यूज़र्स के अनुभव को समझना और बेहतर बनाना है। इसमें यूजर्स का भरपुर सहयोग मिल रहा है। जिससे हमलोगों के हौसले आगे कुछ बड़ा करने के लिए प्ररित कर रहा है। एडवरटाइज़र्स की तरफ़ से भी लगातार ज़बरदस्त आकर्षण इस दिख रहा है। जा आनेवाले दिनों काफी फायदेमंद साबित होनेवाली है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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