iPhone 18 के लिए मेमोरी महंगी, मुनाफे पर पड़ सकता है असर

6 mins read
7 views
iphone
February 2, 2026

iPhone 18 AI BoomArtificial Intelligence के तेज़ी से विस्तार ने पूरी टेक इंडस्ट्री की सप्लाई चेन को हिलाकर दिया है। खासतौर पर AI सर्वर्स में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। जिससे RAM और स्टोरेज की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है। Apple अब तक अपनी मजबूत बाजार पकड़ के दम पर सप्लायर्स से कम कीमत पर कंपोनेंट्स हासिल करता रहा है। यही वजह है कि कंपनी वर्षों से अपने प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ऊँचा मुनाफा बनाए रखने में सफल रही। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते विस्तार ने इस समीकरण को बदलना शुरू कर दिया है। 

AI बूम ने टेक इंडस्ट्री की तस्वीर बदल दी है। मेमोरी चिप्स की महंगाई से Apple भी नहीं बच पाया, iPhone 18 की कीमत बढ़ने के संकेत। जानिए विस्तार से।

RAM और फ्लैश स्टोरेज की मांग रिकॉर्ड स्तर 

AI सर्वर्स के लिए RAM और फ्लैश स्टोरेज की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है। इसका सीधा असर Memory चिप्स की कीमतों पर पड़ा हैजो अब बेकाबू रफ्तार से बढ़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि Apple जैसी दिग्गज टेक कंपनी भी इस महंगाई से खुद को बचा नहीं पा रही है। 

READ MORE-  तहलका मचाने आ रहा Tecno Pova Curve 2 स्मार्टफोन, लॉन्च कंफर्म! 

स्मार्टफोन निर्माताओं की लागत पर असर  

इंडस्ट्री विश्लेषकों के अनुसारमेमोरी बाजार में कीमतों की यह बढ़ोतरी अब तक की सबसे तेज़ मानी जा रही है। रिसर्च फर्म TechInsights का अनुमान है कि 2023 की तुलना में इस साल के अंत तक DRAM की कीमतें चार गुना तक बढ़ सकती हैंजबकि NAND स्टोरेज की कीमतें तीन गुना से ज्यादा हो सकती हैं। यह उछाल सीधे स्मार्टफोन निर्माताओं की लागत पर असर डाल रहा है। 

iPhone 18 पर दिखेगा साफ असर 

विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले iPhone 18 पर साफ दिख सकता है। अनुमान है कि बेस मॉडल iPhone 18 में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी के लिए Apple कोपिछले साल के iPhone 17 की तुलना मेंकरीब 57 डॉलर अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं। यह रकम iPhone जैसे बड़े पैमाने पर बिकने वाले उत्पाद के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। 

READ MORE-  OnePlus 16 में होगा पावर का विस्फोट! 200MP कैमरा का भी खुलासा! 

सवाल बढ़ती लागत को Apple खुद झेलेगा या ग्राहक? 

चूंकि iPhone 17 की शुरुआती कीमत 799 डॉलर रही हैऐसे में निर्माण लागत में यह बढ़ोतरी Apple के मुनाफे को सीमित कर सकती है। अब सवाल यह है कि Apple इस बढ़ती लागत को खुद वहन करेगा या फिर इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हुए iPhone 18 की कीमतों में इजाफा करेगा। 

AI के दौर में जहां टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। वहीं हार्डवेयर लागत की यह चुनौती Apple के लिए आने वाले समय में एक बड़ी इम्तहान साबित हो सकती है। 

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Budget 2026: भारत विस्तार AI से किसानों की खेती होगी आसान
Previous Story

Budget 2026: भारत विस्तार AI से किसानों की खेती होगी आसान

Latest from Artificial Intellience

Nvidia ने छीना Apple का ताज!

Nvidia TSMC biggest customer:  Artificial Intelligence ने टेक दुनिया सत्ता पलट दी है। जिस Apple को पिछले एक दशक से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की रीढ़

Don't Miss