BTC Price Crash: पिछले कुछ हप्तों में क्रिप्टों मार्केट में आई उछाल के बाद बाजार में रौनक आती हुई दिखाई दे रही थी। लेकिन सोमवार को अचानक मार्केट लुढकने लगी। जो 82000 डॉलर से सीधे 77000 डॉलर पर अटक गई। इस भारी गिरवट से निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है। इतनी बड़ी गिरावट के पीछे कोई एक कारण नहीं, बहुत सारे कारण कारण है। वैश्विक बाजरों में बढ़ते जोखिम भरे वातावरण भी कारण हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि अचानक एक दिन बाजार में इतनी गिरावट क्यों हुई?
बिटकॉइन की कीमत आज गिरकर करीब 77,000 डॉलर तक पहुंची, गई, जानिए पूरे विस्तार से आखिर क्यों बढते रफ्तार हुई धड़ाम!
सुरक्षित विकल्प की ओर झुक रहे हैं निवेशक
ऐसी हालातों में वैश्विक निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुक रहे हैं। जिससे क्रिप्टो जैसे हाई-रिस्क एसेट्स पर दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। शेयर बाजारों में भी अस्थिरता और अनिश्चितता ने ट्रेडर्स उम्मींदों को भी कमजोर किया है। जिसका सीधा असर Bitcoin पर पड़ा है। इसके अलावे US Bond Yield में लगातार बढ़ोतरी भी बाजार पर भारी पड़ रही है। यह मल्टी ईयर हाई के करीब पहुंच गए हैं। जिससे निवेशकों को बिना जोखिम के अच्छा खासा रिटर्न मिलने लगा है। ऐसे में क्रिप्टो और टेक स्टॉक्स जैसे एसेट्स से पूंजी बाहर निकल रही है।
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फेडरल रिजर्व के सख्त रुख
इन सब के अलावे महंगाई भी एक बड़ा कारण बनकर उभरा है। लगातार बढ़ते महंगाई दर ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। इन नई चिंताओं ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतियों को लेकर उम्मीदें बदल दी हैं। बाजार को पहले जहां जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी। लेकिन अब ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। अब संकेत मिल रहे हैं कि Federal Reserve फिलहाल सख्त रुख बनाए रख सकती है। यह स्थिति जोखिम वाले बाजारों के लिए नकारात्मक मानी जाती है।
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मध्य पूर्व में बढ़ती अस्थिरता ओर तनाव
भू-राजनीतिक तनाव, खासकर मध्य पूर्व में बढ़ती अस्थिरता, ने भी निवेशकों को अलर्ट कर दिया है। ऐसे तनावपूर्ण महौल में निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओऱ शिफ्ट कर रहे हैं। जिससे क्रिप्टो बाजार में अस्थायी तौर पर बिकवाली तेज हो जाती है। इसके अलावे, बिटकॉइन तकनीक स्तर पर भी संघर्ष करता हुआ दिखाई दे रहा है। बाजार में एक संभावित सीएमई गैप 79,000 डॉलर के आसपास बताया जा रहा है। इस खालीपन को भरने की उम्मीद ट्रेर्डस कर रहे हैं। कई विश्लेषक भी यह दावा कर रहे हैं कि इसकी रेंज 93,000 डॉलर तक हो सकती है। वहीं, कुछ मार्केट के जानकार तो यह भी कह रहे हैं कि अगर दबाव बढ़ा तो बिटकॉइन 60000 डॉलर से भी नीचे आ सकता है।
इस प्रकार से देखें तो यह गिरावट आर ब्याज दरों की अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण हुई है। आनेवाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बने रहने की संभावना हुई है।
