क्ह्यूमन ब्रेन कंप्यूटिंग का दौर शुरू, जानें क्यों कहा जा रहा ऐसा?

क्ह्यूमन ब्रेन कंप्यूटिंग का दौर शुरू, जानें क्यों कहा जा रहा ऐसा?

7 mins read
246 views
March 10, 2026

Biological data centre: AI के दौर में बिजली खपत सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है। लोगों ने डर हैं इसमें अधिक बिजली खपत का असर आमलोगों पर अधिक पड़नेवाली है। पर्यावरण भी इस प्रकोप से वंचित नहीं रहनेवाले हैं। हालांकि, कई टेक कंपनियां इसको लेकर साकारात्मक कदम भी उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों को भरोसा भी दे रहे हैं कि इसका प्रभाव आमजनों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। फिर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच, राहत भरी खबर निकलकर सामने आई है कि ऑस्ट्रेलिया की कंपनी Cortical Labs जैविक डेटा सेंटर बनाने जा रही है। जो मनुष्य के मस्तिष्क की कोशिकाओं से संचालित होगी। होंगे। बताया जा रहा है कि इस तकनीक का उद्देश्य कम बिजली में ज्यादा कुशल कंप्यूटिंग करना है।

आ रहा है अब मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं से चलनेवाला डेटा सेंटर का दौर, Cortical Labs की नई तकनीक कंप्यूटिंग की दुनियां में लाने जा रहा है बड़ा बदलाव। जानें यहां।

जैविक कंप्यूटर यूनिट लगाने की तैयारी

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Cortical Labs मेलबर्न और सिंगापुर में ऐसे डेटा सेंटर बनाने जा रही हैं। मेलबर्न में 120 CL1 यूनिट लगाने जा रही है। इस प्रॉजेक्ट में DayOne डेटा सेंटर कंपनी साझेदार के तौर पर शामिल है। इन डेटा सेंटरों में वर्तमान समय के प्रचलित सर्वर या प्रोसेसर नहीं होंगे। इसके बदले CL1 नाम के जैविक कंप्यूटर यूनिट लगाए जाएंगे। जो मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं यानी न्यूरॉन्स से संचालित होंगे। अगर ऐसा हुआ तो यह कंप्यूटिंग की दुनिया में बिल्कुल नया प्रयोग के तौर पर जाना जाएगा।

READ MOREAI कंप्यूटर Ventuno Q लॉन्च! खूबियां जानकर हो जाएंगे हैरान!

कैसे करता है काम?

न्यूरॉन्स को स्टेम सेल के माध्यम से विकसित किए जाते हैं। इस एक खास चिप पर रख दी जाती है।  वहां से कोशिकाओं को इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजने की प्रक्रिया शुरू होती है। फिर दूसरी तरफ से प्रतिक्रियाएं भी आने लगती है। और फिर कोशिकाओं और Software के बीच बातचीत शुरू होती है। इनके हो रहे वार्तालाप को कंप्यूटिंग आउटपुट के रूप में पढ़ता है। बिल्कुल इसी तरह मनुष्य के मस्तिष्क की क्षमता को भी डेटा प्रोसेसिंग में उपयोग करने की तैयारी चल रही है।

READ MORETRON के फाउंडर जस्टिन सन की सख्त चेतावनी

AI प्रोसेसर की तुलना में बेहद कम बिजली का यूज

कंपनी का कहना है कि डेटा सेंटर के लिए पानी और बिजली की समस्याएं चिंता का विषय बनकर उभरी है। टेक कंपनियां इन समस्याओं के सामाधान के लिए विकल्प तालाश रही हैं। वे एक ऐसी कंप्यूटिंग सिस्टम की खोज में हैं जो इन समस्याओं से काफी हद तक निजात दिला सके। ऐसी परिस्थिति में जैविक कंप्यूटर पारंपरिक AI प्रोसेसर की तुलना में काफी कम बिजली का उपयोग करते हैं। यह दावा मैं नहीं Cortical Labs खुद कर रही है। कंपनी के CEO Hon Weng Chong  का कहना है कि CL1 यूनिट में बिजली की खपत एक यूनिट की बिजली खपत एक साधारण हस्तगणना से भी कम हो सकती है।.

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Microsoft ला रहा है नया AI वाला ऑफिस प्लान
Previous Story

Microsoft ला रहा है नया AI वाला ऑफिस प्लान

हैकर्स कर रहे हैं Signal और WhatsApp यूजर्स पर हमला
Next Story

हैकर्स कर रहे हैं Signal और WhatsApp यूजर्स पर हमला

Latest from Tech News

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

 क्या आने वाला समय AI का होगा? मार्क जुकरबर्ग ने दावा किया है कि पर्सनल AI एजेंट्स जल्द ही लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएंगे।  Mark Zuckerberg: क्या आने वाले 5 साल में हर व्यक्ति के पास अपना AI असिस्टेंट होगा? Meta AI Agents को लेकर कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बड़ा दावा किया है। आज तिमाही नतीजों के दौरान उन्होंने कहा कि अरबों लोग जल्द ही ऐसे AI एजेंट इस्तेमाल करेंगे, जो उनकी जरूरतों को समझेंगे और 24 घंटे उनकी मदद करेंगे।  Meta AI Agents बदलेंगे रोजमर्रा की जिंदगी  जुकरबर्ग के मुताबिक, AI एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेंगे। ये लोगों की फाइनेंस, हेल्थ, घरेलू काम और निजी रिश्तों को बेहतर तरीके से संभालने में भी मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि WhatsApp और Meta के दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म AI एजेंट्स के इस्तेमाल का बड़ा माध्यम बनेंगे।  READ MORE: क्या Meta का नया AI आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा है?  AI की दौड़ में Meta का बड़ा निवेश 
Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतरा

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतर

Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, FSB ने Telegram पर अवैध कंटेंट नहीं हटाने का आरोप लगाया। Telegram Ban Russia: रूस की Federal Security Service (FSB) ने Telegram के संस्थापक Pavel Durov पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि Telegram ने ऐसे कंटेंट को हटाने में नाकामी दिखाई, जिसका इस्तेमाल रूस में कथित तौर पर तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। FSB ने Durov के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की भी जानकारी दी है। अभी Telegram और Pavel Durov की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  FSB ने Telegram पर क्या आरोप लगाए?  रूस की सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, Telegram पर मौजूद कुछ कंटेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी विशेष सेवाओं और आतंकवादी व चरमपंथी संगठनों ने किया। FSB का आरोप है कि इनका इस्तेमाल तोड़फोड़, आतंकवादी घटनाओं, सामूहिक हत्याओं और साइबर फ्रॉड जैसी गतिविधियों के लिए किया गया। रूस का कहना है कि Telegram को ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए थे। FSB ने इसी कथित नाकामी को Durov के खिलाफ कार्रवाई की वजह बताया है।  Telegram की शुरुआत 2013 में Pavel Durov ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है और इसके एक अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन की वजह से इसका इस्तेमाल आम लोगों के साथ पत्रकारों और अधिकारियों ने भी किया है।  READ MORE: क्या आपका Telegram भी
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App

Don't Miss