हैकर्स कर रहे हैं Signal और WhatsApp यूजर्स पर हमला

हैकर्स कर रहे हैं Signal और WhatsApp यूजर्स पर हमला

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March 10, 2026

Russian Hackers: यूरोप की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि रूस से जुड़े हैकर्स अब दुनिया भर में Signal और WhatsApp यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। खास तौर पर वे लोग टार्गेट हैं जो संवेदनशील जानकारी संभालते हैं। नीदरलैंड की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने बताया कि हैकर्स एन्क्रिप्शन को तोड़ नहीं रहे, बल्कि वे फिशिंग और सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करके यूजर्स को खुद अपने अकाउंट का एक्सेस देने के लिए गुमराह कर रहे हैं। यानी यूजर की गलती का फायदा उठाया जा रहा है।

यूरोप की इंटेलिजेंस ने चेतावनी दी है कि फिशिंग और QR कोड के जरिए Signal और WhatsApp अकाउंट्स को हैक किया जा सकता है। संवेदनशील जानकारी साझा करते समय सावधान रहें।

Signal यूजर्स पर हमला

Signal इस हैकिंग अभियान में मुख्य लक्ष्य है। हैकर्स एक फेक ‘Signal सपोर्ट चैटबॉट’ बनाकर यूजर को मैसेज भेजते हैं। मैसेज में लिखा होता है कि ‘आपके डिवाइस पर संदिग्ध गतिविधि हुई है, कृपया वेरिफिकेशन करें।’ यूजर के फोन पर असली वेरिफिकेशन कोड आता है। अगर यूजर यह कोड हैकर को भेज देता है, तो हैकर अकाउंट किसी दूसरे डिवाइस पर रजिस्टर कर लेता है।

यूजर बाद में अकाउंट रिकवर करके सोचता है कि सब सही है क्योंकि पुराने चैट्स दिख जाते हैं। लेकिन असल में हैकर अब उसका अकाउंट इस्तेमाल कर सकता है। Signal ने भी इस बात की पुष्टि की है और कहा कि उनकी एन्क्रिप्शन टूटी नहीं है। यह समस्या फिशिंग से यूजर को गुमराह करने की है।

WhatsApp यूजर्स पर हमला

WhatsApp में हैकर्स Linked Devices फीचर का फायदा उठा रहे हैं। यह फीचर आपको लैपटॉप या टैबलेट पर WhatsApp खोलने देता है। हैकर्स फेक QR कोड या लिंक भेजते हैं, जिसे यूजर स्कैन कर देता है। इससे हैकर का डिवाइस यूजर के अकाउंट से जुड़ जाता है। खतरनाक बात यह है कि यूजर अभी भी अपने अकाउंट का इस्तेमाल कर सकता है इसलिए यह हैकिंग कई दिनों तक नोटिस नहीं होती। Meta के जादे अलसावाह ने चेतावनी दी है कि कभी भी अपना 6 अंकों का वेरिफिकेशन कोड किसी के साथ शेयर न करें।

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क्यों हैं सरकारी अफसर और पत्रकार टार्गेट

Signal और WhatsApp निजी बातचीत के लिए इस्तेमाल होते हैं। सरकारी अफसर संवेदनशील जानकारी साझा करते हैं, पत्रकार अपने स्रोतों से बातचीत करते हैं और मिलिट्री स्टाफ ऑपरेशनल डिटेल्स शेयर करता है। नीदरलैंड की इंटेलिजेंस के चीफ वाइस-एडमिरल पीटर रीसिंक ने कहा कि Signal और WhatsApp जैसे ऐप्स का इस्तेमाल क्लासीफाइड या संवेदनशील जानकारी के लिए न करें। एजेंसियों ने बताया कि नीदरलैंड सरकार के कर्मचारी भी इस हैकिंग अभियान में निशाने पर थे।

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इस स्कैम से कैसे बचें

  • संदिग्ध लिंक या कोड कभी शेयर न करें।
  • Linked Devices फीचर इस्तेमाल करते समय सावधान रहें।
  • संवेदनशील बातचीत के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।
  • किसी भी असामान्य संदेश पर तुरंत सतर्क हो जाएं।

इस हैकिंग से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि हम अपने अकाउंट और कोड की सुरक्षा खुद रखें और किसी भी संदेश में आने वाले दबाव या डर में आकर गलती न करें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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