Technical News

Bluetooth का इस्तेमाल करने से पहले हो जाएं सावधान

5 mins read
1.4K views
December 13, 2024

हैकर्स लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए आए दिन नए-नए पेतरें अपना रहा है। ऐसे में अब Bluetooth भी इस लिस्ट में शामिल है। हैकर्स Bluetooth से भी लोगों के साथ ठगी कर रहा है।

BlueBugging Hack: Bluetooth स्मार्टफोन का एक जरूरी फीचर बन गया है, लेकिन क्या आपको पता है इसका इस्तेमाल करते समय आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको काफी महंगी पड़ सकती है। इसके इस्तेमाल से आपके मोबाइल का सारा डेटा हैकर्स के पास पहुंच सकता है और फिर आप ना चाहते भी आप हैकर के निशाने में आ जाएंगे।

डिस्कवरी मोड में छोड़ना हो सकता है कारण

कई लोग फोन के Bluetooth को पेयरिंग या डिस्कवरी मोड में छोड़ देते हैं। इससे आपका फोन लगातार Bluetooth के जरिए कनेक्ट होने के लिए दूसरे डिवाइस को स्कैन करता रहता है। हैकर्स इसी सुविधा का फायदा उठाते हैं।

बता दें कि इस तरह की हैकिंग को BlueBugging के नाम से पहचाना जाता है। BlueBugging से हैकर्स को आपके डिवाइस तक पहुंच मिल सकती है। Bluetooth के जरिए हैकिंग सिर्फ BlueBugging के जरिए ही नहीं बल्कि Bluesnarfing और Bluejacking के जरिए भी हो सकती है। इन तकनीकों का इस्तेमाल करके ही हैकर्स आपके डिवाइस तक पहुंच पाते हैं।

BlueBugging क्या है?

BlueBugging के जरिए हैकर्स आसानी से आपके डिवाइस तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, इसे रोका जा सकता है। सेफ्टी टिप्स जानने से पहले जान लें कि BlueBugging क्या है। BlueBugging के जरिए ही हैकर्स Bluetooth कनेक्शन की मदद से टारगेट डिवाइस से कनेक्ट होते हैं।

कनेक्ट करने के लिए डिवाइस की डिटेल्स में बदलाव किया जाता है। इससे उन्हें कनेक्ट होने में मदद मिलती है। टारगेट डिवाइस तक पहुंचने के बाद वायरस या खतरनाक मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इस मैलवेयर की मदद से हैकर्स यूजर्स की सारी डिटेल्स पा लेते हैं।

ऐसे करें खुद को सेफ

BlueBugging के जरिए आपके डिवाइस तक पहुंच बनाने के लिए हैकर्स का रेंज में होना जरूरी है। इस वजह से ऐसी हैकिंग ज्यादातर सार्वजनिक जगहों पर की जाती है। इससे बचने के लिए सलाह दी जाती है कि इस्तेमाल न होने पर Bluetooth को बंद रखें। खासतौर पर सार्वजनिक जगहों पर Bluetooth को पेयरिंग मोड में न रखें।

इसके अलावा किसी अनजान Bluetooth कनेक्शन को स्वीकार न करें। फोन के सॉफ्टवेयर को हमेशा लेटेस्ट सिस्टम या सिक्योरिटी में अपग्रेड करते रहें। अगर आपके फोन के साथ पुराने डिवाइस पेयर हैं, तो उन्हें हटा दें और समय-समय पर इस लिस्ट को रिव्यू करते रहें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Google
Previous Story

Google ने लॉन्च किया Android XR, जानें इसके फीचर्स

Atul Subhash Suicide case
Next Story

मरने से पहले अतुल ने Elon Musk और ट्रंप से की ये रिक्वेस्ट

Latest from Tech News

Don't Miss