अब आधार नंबर किसी को बताने की जरूरत नहीं, QR कोड ही काफी है…जानें नया फीचर

6 mins read
417 views
January 7, 2026

Aadhaar My Contact Card feature: अब पहचान साबित करने के लिए हर जगह पूरा आधार नंबर देना जरूरी नहीं होगा। दरअसल, UIDAI ने आधार ऐप में ऐसा फीचर जोड़ा है, जिससे यूज़र अपनी वेरिफाइड कॉन्टैक्ट डिटेल्स सेकेंडों में शेयर कर सकते हैं। वो भी बिना संवेदनशील जानकारी बताए। इस नए फीचर का नाम है My Contact Card। यह फीचर प्राइवेसी और सुविधा दोनों को साथ लेकर चलता है।

आ गया QR कोड से पहचान शेयर करने का नया तरीका! जान लिजिए कैसे Aadhaar ऐप में जुड़ा नया फीचर बढ़ाएगा यूज़र्स की प्राइवेसी।

QR-Based शेयरिंग का नया तरीका

My Contact Card फीचर यूज़र को एक पर्सनल QR Code जनरेट करके देता है। इस QR कोड को स्कैन करने पर सामने वाला व्यक्ति यूज़र की जरूरी जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल या पता सीधे अपने फोन में सेव कर सकता है। UIDAI के मुताबिक, इसमें आधार नंबर शेयर नहीं होता।

प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर फोकस

UIDAI ने यह फीचर खास तौर पर Data Privacy को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। होटल, ऑफिस, डिलीवरी या सर्विस एक्सेस के दौरान अक्सर पूरा Aadhar नंबर मांगा जाता है, जबकि ज़रूरत सिर्फ कॉन्टैक्ट डिटेल्स की होती है। My Contact Card इस खतरे को कम करता है।

READ MORE:  लॉन्च के बाद Midnight टोकन में 83% की भारी गिरावट

सत्यापित डेटा, कोई फेक इंट्री नहीं

इस फीचर में शेयर की जाने वाली जानकारी UIDAI के सिस्टम से वेरिफाइड होती है। इसका मतलब है कि सामने वाले को मिलने वाली डिटेल्स प्रामाणिक होती हैं और इसमें फर्जी या बदली गई जानकारी का खतरा नहीं रहता। इससे फर्जी आधार नंबर के जरिए प्रवेश पर लगाम भी लग सकता है।

सारा कंट्रोल यूजर्स के हाथ में

My Contact Card फीचर में कंट्रोल पूरी तरह यूज़र के हाथ में रहता है। QR कोड तभी काम करता है जब यूज़र उसे खुद शेयर करता है। ऑटो एक्सेस या बैकग्राउंड डेटा शेयरिंग जैसी कोई व्यवस्था इसमें नहीं है।

READ MORE: छोटी सी गलती… Google पर एलन मस्क ने कसा तंज

इस फीचर को कैसे करें इस्तेमाल?

इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए यूज़र को नया आधार ऐप इस्तेमाल करना होगा। आधार ऐप में लॉग-इन करें। होम स्क्रीन पर नीचे से ऊपर की ओर स्वाइप करें। Services सेक्शन में जाएं और My Contact Card पर टैप करें। स्क्रीन पर दिख रहे QR कोड को स्कैन कराएं या Share बटन से भेजें।

पहचान भी बनी रहेगी सुरक्षित

UIDAI लगातार Aadhar को एक स्मार्ट डिजिटल आइडेंटिटी प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित कर रहा है। My Contact Card फीचर इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जहां पहचान सुरक्षित रहते हुए डिजिटल तरीके से शेयर की जा सके।

यह फीचर उन यूज़र्स के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जो बार-बार आधार नंबर शेयर किए बिना अपनी पहचान या कॉन्टैक्ट डिटेल्स देना चाहते हैं। QR कोड आधारित यह सिस्टम सुविधा और सुरक्षा दोनों का संतुलन पेश करता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Previous Story

CES 2026: बिना इंटरनेट इमेज, स्मार्ट AI और XR ग्लासेस…क्या भविष्य यहीं से शुरू?

xAI ने जुटाए 20 बिलियन डॉलर, Nvidia ने भी किया समर्थन
Next Story

xAI ने जुटाए 20 बिलियन डॉलर, Nvidia ने भी किया समर्थन

Latest from Tech News

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतरा

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतर

Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, FSB ने Telegram पर अवैध कंटेंट नहीं हटाने का आरोप लगाया। Telegram Ban Russia: रूस की Federal Security Service (FSB) ने Telegram के संस्थापक Pavel Durov पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि Telegram ने ऐसे कंटेंट को हटाने में नाकामी दिखाई, जिसका इस्तेमाल रूस में कथित तौर पर तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। FSB ने Durov के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की भी जानकारी दी है। अभी Telegram और Pavel Durov की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  FSB ने Telegram पर क्या आरोप लगाए?  रूस की सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, Telegram पर मौजूद कुछ कंटेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी विशेष सेवाओं और आतंकवादी व चरमपंथी संगठनों ने किया। FSB का आरोप है कि इनका इस्तेमाल तोड़फोड़, आतंकवादी घटनाओं, सामूहिक हत्याओं और साइबर फ्रॉड जैसी गतिविधियों के लिए किया गया। रूस का कहना है कि Telegram को ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए थे। FSB ने इसी कथित नाकामी को Durov के खिलाफ कार्रवाई की वजह बताया है।  Telegram की शुरुआत 2013 में Pavel Durov ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है और इसके एक अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन की वजह से इसका इस्तेमाल आम लोगों के साथ पत्रकारों और अधिकारियों ने भी किया है।  READ MORE: क्या आपका Telegram भी
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App

Don't Miss