US-Iran Tensions: क्या आज शेयर बाजार नई ऊंचाई छुएगा या वैश्विक तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ाएगा? आज भारतीय शेयर बाजार ने हल्की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की, लेकिन निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान से जुड़ी ताज़ा घटनाओं और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान BSE सेंसेक्स करीब 100 अंक चढ़कर 76,570 के स्तर पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 60 अंकों की बढ़त के साथ 23,900 के ऊपर पहुंच गया।
शेयर बाजार की ताज़ा अपडेट में सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले, जानिए किन शेयरों में तेजी रही, कौन से सेक्टर दबाव में रहे और आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में सतर्कता
बाजार की चाल पर इस समय सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया की स्थिति का दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी दूत से मुलाकात से इनकार कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच बने अस्थायी शांति समझौते को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। निवेशक फिलहाल किसी बड़े दांव से बच रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति साफ होगी। इसके अलावा अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है, जो वैश्विक निवेशकों की रणनीति तय कर सकते हैं।
शुरुआती कारोबार में किन शेयरों ने दिखाई मजबूती?
सुबह करीब 9:12 बजे सेंसेक्स 66.54 अंक यानी 0.09% की बढ़त के साथ 76,545.21 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 31.90 अंक यानी 0.13% चढ़कर 23,897.65 पर पहुंच गया।
बाजार में इन कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली:
- इटरनल
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
- मारुति सुजुकी
- टाइटन
- एचयूएल
- अल्ट्राटेक सीमेंट
- अडानी पोर्ट्स
- एशियन पेंट्स
वहीं बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और NTPC के शेयर दबाव में रहे।
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एशियाई बाजार और अमेरिकी संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 करीब 0.5% मजबूत हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% से ज्यादा गिर गया। उधर, अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। डॉव जोंस 0.26%, एसएंडपी 500 0.79% और नैस्डैक 1.52% चढ़ा। इससे भारतीय बाजार को शुरुआती समर्थन जरूर मिला, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़त
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल पर भी दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.42% बढ़कर 73.26 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय हो सकती है। इससे महंगाई, आयात बिल और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
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आज शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत जरूर की है, लेकिन निवेशकों की असली नजर अमेरिका-ईरान के घटनाक्रम, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और कच्चे तेल की चाल पर रहेगी। अगर वैश्विक माहौल सुधरता है तो बाजार में तेजी मजबूत हो सकती है, जबकि किसी भी नकारात्मक खबर से उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
