भारत की टेक इंडस्ट्री पर AI का असर, NITI Aayog ने दी चेतावनी

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February 13, 2026

India Tech Industry: इस हफ्ते NITI Aayog ने भारत की टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री के लिए एक नया रोडमैप जारी किया है। दस्तावेज का नाम India Technology Services – Reimagination Ahead है, जिसे 12 फरवरी को Frontier Tech Hub के माध्यम से पेश किया गया था। यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारत की टेक इंडस्ट्री अब AI टूल्स की वजह से बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।

भारत की टेक इंडस्ट्री में बड़े बदलाव: NITI Aayog ने AI और नए अवसरों के लिए रोडमैप पेश किया, जिससे 2035 तक 850 बिलियन डॉलर का लक्ष्य पूरा हो सके।

रिपोर्ट के मुताबिक, टेक सर्विस इंडस्ट्री की ग्रोथ हाल के सालों में धीमी हुई है, लगभग 4 से 5 प्रतिशत प्रति साल कम हुए हैं। यदि पुराने तरीकों पर ही निर्भर रहे, तो 2035 तक लगभग 250 से 300 बिलियन डॉलर का अंतर बन सकता है। अभी भारत की टेक सर्विस इंडस्ट्री लगभग 265 बिलियन डॉलर की है और यह GDP का करीब 7 प्रतिशत हिस्सा है। लक्ष्य यह है कि इसे 2035 तक बढ़ाकर 750 से 850 बिलियन डॉलर किया जाए, ताकि GDP में हिस्सेदारी बनाए रखी जा सके और 2047 तक Viksit Bharat का लक्ष्य पूरा हो।

इंडस्ट्री बदल रही दिशा

रिपोर्ट में कहा गया है कि AI तेजी से बदलाव ला रहा है। पहले इंडस्ट्री का मॉडल बहुत सारे लोगों पर आधारित था, जो रूटीन काम करते थे। अब ध्यान परिणाम, स्मार्ट सिस्टम और प्लेटफॉर्म पर है। NITI Aayog के CEO B.V.R. Subrahmanyam ने लिखा है कि इंडस्ट्री Effort से Outcome की ओर, कस्टम से प्रोडक्ट आधारित की ओर और Siloed IT से Enterprise Transformation की ओर इन तीन बदलाव से गुजर रही है। COVID के बाद ग्रोथ धीमी हुई है। इसके अलावा जियोपॉलिटिकल चुनौतियां, वीजा नियम और अमेरिकी बाजार पर निर्भरता भी बाधाएं हैं।

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आगे बढ़ने के पांच रास्ते

NITI Aayog ने 5 मुख्य रास्ते सुझाए हैं, जो इंडस्ट्री को 250 से 300 बिलियन डॉलर के अंतर को कम करने में मदद कर सकते हैं।

  • Agentic AI: इंसान और AI एजेंट के हाइब्रिड सेटअप। पुराने सिस्टम अपडेट और मिड साइज कंपनियों की जरूरतें।
  • Software (SaaS) – CRM, साइबरसिक्योरिटी और वर्टिकल टूल्स में भारत की SaaS इंडस्ट्री को बढ़ाना। 20 से 25 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त योगदान।
  • Infrastructure – AI-ready डेटा सेंटर और डेटा सर्विसेज के लिए भारत को हब बनाना। 10 से 15 बिलियन डॉलर का मौका।
  • Innovation – R&D केंद्र स्थापित करना, फ्रंटियर टेक जैसे सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर। 25 से 35 बिलियन डॉलर का संभावित लाभ।
  • India for India – घरेलू मांग के लिए हेल्थ, खेती और फाइनेंस में लोकल AI समाधान। 40 से 60 बिलियन डॉलर का अवसर।

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कंपनियों और सरकार के लिए सुझाव

कंपनियों को तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में निवेश करना, Outcome-based प्राइसिंग अपनाना, R&D में 1 से 2 प्रतिशत राजस्व निवेश करना और कर्मचारियों को AI के लिए reskill करना और बदलाव प्रबंधन करना जैसे काम शामिल है। वहीं, सरकार को National Tech-Services Single Window से मंजूरी प्रक्रिया तेज करना, जापान और मिडिल ईस्ट जैसे देशों के लिए ट्रेड मिशन और AI Talent Mission से देशव्यापी स्किलिंग और रोल ट्रांज़िशन मैपिंग के बारे में सोचना चाहिए।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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