LinkedIn कनेक्शन और एपस्टीन दस्तावेज आमने-सामने

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February 6, 2026

Epstein Court Documents: इंटरनेट की ओपन-सोर्स दुनिया का एक अजीब हिस्सा फिर से हाल के सबसे विवादित कानूनी दस्तावेजों से जुड़ गया है। कुछ ही समय पहले Jmail नाम का एक वायरल वेब प्रोजेक्ट सामने आया था, जिसमें लोग जेफरी एपस्टीन के नाम से लॉग इन कर ईमेल पढ़ सकते थे। अब एक नया टूल आया है, जो ध्यान ईमेल से हटाकर प्रोफेशनल नेटवर्क पर ले जाता है।

EpsteIn नाम का ओपन-सोर्स टूल अब LinkedIn कनेक्शनों के नामों को Epstein केस के सार्वजनिक कोर्ट दस्तावेजों से मिलाकर दिखाता है। यह टूल डेटा लोकल मशीन पर स्कैन करता है और सिर्फ संदर्भ देता है, कोई आरोप नहीं लगाता।

इस नए टूल का नाम एपस्टीन है। यह एक ओपन सोर्स स्क्रिप्ट है, जो लोगों को यह जांचने की सुविधा देती है कि उनके LinkedIn कनेक्शनों के नाम सार्वजनिक किए गए एपस्टीन कोर्ट दस्तावेजों में कहीं दर्ज हैं या नहीं। यह प्रोजेक्ट हाल ही में GitHub पर सामने आया और डेवलपर व टेक समुदाय में तेजी से चर्चा में आ गया।

EpsteIn टूल क्या करता है

एपस्टीन एक मुफ्त Python स्क्रिप्ट है। यह यूजर द्वारा डाउनलोड किए गए LinkedIn कॉन्टैक्ट्स के नामों की तुलना अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी 35 लाख से ज्यादा पन्नों के एपस्टीन से जुड़े कोर्ट रिकॉर्ड से करता है।

GitHub पेज पर इसका मकसद साफ लिखा है सार्वजनिक रूप से जारी एपस्टीन कोर्ट दस्तावेजों में अपने LinkedIn कनेक्शनों के नाम खोजें। यह टूल Patrick Duggan द्वारा बनाए गए एक पब्लिक इंडेक्स का उपयोग करता है। पूरी प्रक्रिया यूजर के अपने कंप्यूटर पर चलती है।

स्कैन पूरा होने के बाद यह एक HTML रिपोर्ट बनाता है। इसमें व्यक्ति का नाम, कंपनी, पद, दस्तावेजों में नाम कितनी बार आया, उससे जुड़े छोटे टेक्स्ट अंश और DOJ वेबसाइट पर मौजूद मूल दस्तावेजों के लिंक शामिल होते हैं। टूल के निर्माता Finke का कहना है कि यह प्रोजेक्ट व्यक्तिगत जिज्ञासा से शुरू हुआ। साथ ही साफ चेतावनी दी गई है कि कॉमन नामों में गलत मिलान हो सकते हैं।

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यह टूल चर्चा में क्यों है

पिछले हफ्ते DOJ ने जेफ्री एपस्टीन और घिस्लेन मैक्सवेल से जुड़ी जांच के करीब 35 लाख पन्ने सार्वजनिक किए। इन दस्तावेजों में फाइलें, तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं। इस बड़े डेटा रिलीज के बाद कई हाई प्रोफाइल नामों को लेकर फिर चर्चा तेज हुई। ऐसे माहौल में एक ऐसा टूल सामने आना, जो लोगों की प्रोफेशनल कॉन्टैक्ट लिस्ट को इन दस्तावेजों से जोड़ता है, स्वाभाविक रूप से ध्यान खींच रहा है।

हालांकि, एपस्टीन खुद साफ कहता है कि किसी दस्तावेज में नाम आने का मतलब गलत काम में शामिल होना नहीं है। इन रिकॉर्ड्स में पीड़ितों, कर्मचारियों, गवाहों और ऐसे लोगों के नाम भी हैं जिनका संपर्क बहुत सीमित या अप्रत्यक्ष हो सकता है।

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Jmail जितना आसान नहीं

Jmail ब्राउजर में चलता था, लेकिन एपस्टीन थोड़ा तकनीकी है। यूजर को LinkedIn डेटा डाउनलोड करना, Python और जरूरी लाइब्रेरी इंस्टॉल करनी होती हैं फिर स्क्रिप्ट अपने सिस्टम पर चलानी होती है। यह टूल कोई आरोप या फैसला नहीं देता।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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