ब्रिटेन और Microsoft मिलकर बनाएंगे डीपफेक डिटेक्शन सिस्टम

6 mins read
1 views
deepfake
February 7, 2026

Britain- Microsoft: ब्रिटेन सरकार ने Microsoft, विशेषज्ञों और अकादमिक संस्थानों के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम विकसित करने की घोषणा की है, जो ऑनलाइन डीपफेक सामग्री की पहचान कर सके। हाल के वर्षों में ChatGPT और अन्य जेनरेटिव AI टूल्स के तेजी से अपनाए जाने के कारण डीपफेक का खतरा और अधिक बढ़ गया है। इसको लेकर कई देश चिंता जाहिर कर चुका है। तो आइए जानते हैं सिस्टम की खासियत विस्तार से।

AI और डीपफेक के बढ़ते खतरे के बीच ब्रिटेन Microsoft के साथ काम करेगा। जानिए नई पहल की पूरी डिटेल।

ब्रिटेन का नया फ्रेमवर्क

सरकार Deepfake Detection मूल्यांकन फ्रेमवर्क तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य डिटेक्शन टूल और तकनीकों के लिए लगातार मानक स्थापित करना है, ताकि हानिकारक और भ्रामक AI-जनित सामग्री की पहचान आसान हो। टेक्नोलॉजी मंत्री Liz Kendall केंडल ने कहा, डीपफेक का इस्तेमाल अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी, महिलाओं और लड़कियों का शोषण, और लोगों के विश्वास को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।

READ MORE- खुशखबरी! Civilization VII अब iPhone और iPad पर

फ्रेमवर्क का क्या होगा काम?

यह फ्रेमवर्क तकनीक की मदद से हानिकारक Deepfake सामग्री का मूल्यांकन करेगा। चाहे वह किसी भी माध्यम से आई हो। उसे वास्तविक दुनिया की समस्याओं जैसे यौन शोषण, धोखाधड़ी और पहचान की नकल के खिलाफ डिटेक्शन टूल्स का परीक्षण किया जाएगा। इससे डिटेक्शन में कहां कमजोरियां हैं। इसका पता चलेगा। इसके अलावा, फ्रेमवर्क उद्योगों के लिए डीपफेक डिटेक्शन मानकों पर स्पष्ट दिशानिर्देश भी तय करेगा।

READ MORE- AI की रफ्तार से चिप्स की कमी, Intel और AMD के CPU की सप्लाई पर असर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में लगभग 500,000 डीपफेक्स साझा किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर अनुमानित 8 मिलियन हो गए। दुनिया भर की सरकारें AI की तेजी से बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाने में संघर्ष कर रही हैं। बीच-बीच में डिपफेक जैसी चुनौतियां भी संशय की स्थिति पैदा कर दे रही है।

Grok चैटबॉट माममे के बाद ज्यादा सक्रिय

इसी साल Elon Musk के Grok चैटबॉट से गैर-सहमति वाले यौन चित्र बनाने का मामला सामने आया। ब्रिटेन ने इसपर कड़ा एतराज जताया। लोग भी इसके खिलाफ सड़क पर उतर गए थे। बैन की सख्त चेतावनी दी गई। इन घटनाओं के बाद से ब्रिटेन ने काफी सक्रिय रूप से कदम उठाए हैं। ब्रिटेन का कम्युनिकेशंस वॉचडॉग और प्राइवेसी रेगुलेटर Grok के खिलाफ जांच कर रहे हैं।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

honor 600
Previous Story

Honor 600: बैटरी के दम पर मचाएगा धमाल!

Latest from Latest news

Don't Miss