deepfake

ब्रिटेन और Microsoft मिलकर बनाएंगे डीपफेक डिटेक्शन सिस्टम

6 mins read
279 views
February 7, 2026

Britain- Microsoft: ब्रिटेन सरकार ने Microsoft, विशेषज्ञों और अकादमिक संस्थानों के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम विकसित करने की घोषणा की है, जो ऑनलाइन डीपफेक सामग्री की पहचान कर सके। हाल के वर्षों में ChatGPT और अन्य जेनरेटिव AI टूल्स के तेजी से अपनाए जाने के कारण डीपफेक का खतरा और अधिक बढ़ गया है। इसको लेकर कई देश चिंता जाहिर कर चुका है। तो आइए जानते हैं सिस्टम की खासियत विस्तार से।

AI और डीपफेक के बढ़ते खतरे के बीच ब्रिटेन Microsoft के साथ काम करेगा। जानिए नई पहल की पूरी डिटेल।

ब्रिटेन का नया फ्रेमवर्क

सरकार Deepfake Detection मूल्यांकन फ्रेमवर्क तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य डिटेक्शन टूल और तकनीकों के लिए लगातार मानक स्थापित करना है, ताकि हानिकारक और भ्रामक AI-जनित सामग्री की पहचान आसान हो। टेक्नोलॉजी मंत्री Liz Kendall केंडल ने कहा, डीपफेक का इस्तेमाल अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी, महिलाओं और लड़कियों का शोषण, और लोगों के विश्वास को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।

READ MORE- खुशखबरी! Civilization VII अब iPhone और iPad पर

फ्रेमवर्क का क्या होगा काम?

यह फ्रेमवर्क तकनीक की मदद से हानिकारक Deepfake सामग्री का मूल्यांकन करेगा। चाहे वह किसी भी माध्यम से आई हो। उसे वास्तविक दुनिया की समस्याओं जैसे यौन शोषण, धोखाधड़ी और पहचान की नकल के खिलाफ डिटेक्शन टूल्स का परीक्षण किया जाएगा। इससे डिटेक्शन में कहां कमजोरियां हैं। इसका पता चलेगा। इसके अलावा, फ्रेमवर्क उद्योगों के लिए डीपफेक डिटेक्शन मानकों पर स्पष्ट दिशानिर्देश भी तय करेगा।

READ MORE- AI की रफ्तार से चिप्स की कमी, Intel और AMD के CPU की सप्लाई पर असर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में लगभग 500,000 डीपफेक्स साझा किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर अनुमानित 8 मिलियन हो गए। दुनिया भर की सरकारें AI की तेजी से बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाने में संघर्ष कर रही हैं। बीच-बीच में डिपफेक जैसी चुनौतियां भी संशय की स्थिति पैदा कर दे रही है।

Grok चैटबॉट माममे के बाद ज्यादा सक्रिय

इसी साल Elon Musk के Grok चैटबॉट से गैर-सहमति वाले यौन चित्र बनाने का मामला सामने आया। ब्रिटेन ने इसपर कड़ा एतराज जताया। लोग भी इसके खिलाफ सड़क पर उतर गए थे। बैन की सख्त चेतावनी दी गई। इन घटनाओं के बाद से ब्रिटेन ने काफी सक्रिय रूप से कदम उठाए हैं। ब्रिटेन का कम्युनिकेशंस वॉचडॉग और प्राइवेसी रेगुलेटर Grok के खिलाफ जांच कर रहे हैं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

honor 600
Previous Story

Honor 600: बैटरी के दम पर मचाएगा धमाल!

Apple का वैलेंटाइन तौहफा… अपनी गर्लफ्रेंड को दें iPhone और MacBook
Next Story

Apple का वैलेंटाइन तौहफा… अपनी गर्लफ्रेंड को दें iPhone और MacBook

Latest from Latest news

क्या AI बदल देगा पढ़ाई का भविष्य? छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा

AI in Education: आज AI Education और डिजिटल तकनीक ने इस सवाल का जवाब ‘हां’ में बदलना शुरू कर दिया है अब अच्छी शिक्षा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही  इंटरनेट, स्मार्टफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लाखों छात्रों तक बेहतर पढ़ाई पहुंच रही है।  भारत में AI आधारित शिक्षा दे रही नई दिशा, जानें कैसे तकनीक, इंटरनेट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म छात्रों की पढ़ाई को आसान बना रहे। AI Education ने बदली पढ़ाई की तस्वीर  पहले बेहतरीन शिक्षक की पढ़ाई सिर्फ उसी क्लासरूम तक सीमित रहती थी। लेकिन अब तकनीक ने इस दूरी को काफी हद तक खत्म कर दिया है। AI Education की मदद से एक ही शिक्षक की क्लास देशभर के छात्र देख सकते हैं। चाहे छात्र किसी महानगर में हो या छोटे गांव में, अब उसे एक जैसी पढ़ाई, टेस्ट, स्टडी मटेरियल और डाउट सॉल्विंग की सुविधा मिल रही है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी पहले से आसान हुई है।  भारत का डिजिटल नेटवर्क बना सबसे बड़ी ताकत  सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक भारत के करीब 85% घरों में स्मार्टफोन और लगभग इतनी ही संख्या में इंटरनेट की सुविधा पहुंच चुकी है। वहीं ग्रामीण इलाकों के लगभग 90% युवाओं ने हाल के महीनों में इंटरनेट का इस्तेमाल किया है। यही डिजिटल नेटवर्क अब शिक्षा को नई दिशा दे रहा है। पहले जहां अच्छी कोचिंग के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता था, वहीं अब छात्र घर बैठे अनुभवी शिक्षकों से पढ़ सकते हैं।  READ MORE: AI लर्निंग से भविष्य होगा मजबूत, युवाओं को मिलेगा
Using-An-iPhone

क्या आपका iPhone खतरे में है? अभी करें iOS 26.5.2 अपडेट तुरंत

Apple Security Update: क्या आपका iPhone भी iOS 26 पर चल रहा है? अगर हां, तो अभी नया iOS 26.5.2 Update इंस्टॉल करना आपके लिए जरूरी हो सकता है। Apple ने ताज़ा सुरक्षा खतरों को देखते हुए यह अपडेट तय समय से पहले जारी किया है। खास बात यह है कि इसमें कोई नया फीचर नहीं, बल्कि सिर्फ सुरक्षा से जुड़े अहम सुधार दिए गए हैं।  अगर आपका iPhone iOS 26 पर चल रहा है, तो नया iOS 26.5.2 अपडेट जरूर करें, जानिए इसमें कौन-कौन से जरूरी सिक्योरिटी सुधार शामिल हैं।  iOS 26.5.2 Update क्यों है इतना जरूरी?  Apple का नया iOS 26.5.2 Update पूरी तरह सिक्योरिटी पर केंद्रित है। कंपनी ने बताया कि जिन सुधारों को पहले iOS 26.6 के साथ लाने की तैयारी थी, उन्हें अब पहले ही जारी कर दिया गया है। इसकी वजह AI की मदद से बढ़ते साइबर हमलों का खतरा बताया गया है। इस अपडेट में एक दर्जन से ज्यादा सुरक्षा खामियों को ठीक किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा सुधार WebKit से जुड़े हैं, जो Safari और दूसरे ब्राउजर फीचर्स को चलाने का काम करता है। इसके अलावा सिस्टम के Kernel से जुड़ी 3 गंभीर कमियां भी दूर की गई हैं।  किन iPhone में मिलेगा नया अपडेट?  यह अपडेट उन सभी iPhone मॉडल के लिए उपलब्ध है जो iOS 26 को सपोर्ट करते हैं। यानी iPhone 11 और उसके बाद लॉन्च हुए सभी मॉडल इस अपडेट को इंस्टॉल कर सकते हैं। ज्यादातर यूजर्स iOS 26.5 से सीधे iOS 26.5.2 पर जाएंगे। वहीं iPhone

Don't Miss