केंद्रीय मंत्री का मास्टर प्लान, भारत में बनाएगा सैटेलाइट स्पेस कम्युनिकेशन

5 mins read
1.1K views
Jyotiraditya Scindia
December 11, 2024

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंतरिक्ष संचार क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों से मुलाकात की, जिसमें आत्मनिर्भर अंतरिक्ष संचार क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया गया।

Satellite Space Communication India : सैटेलाइट नेटवर्क को लेकर इस समय काफी चर्चा हो रही है। Starlink समेत कई बड़ी कंपनियां भी इस रेस में शामिल हैं। इन सबके बीच अब भारत सरकार की ओर से बड़ा बयान आया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया कि सरकार आत्मनिर्भर स्पेस कम्युनिकेशन क्षेत्र विकसित करना चाहती है। इसमें सैटेलाइट निर्माण और प्रक्षेपण सेवा को भी शामिल किया जाएगा।

क्या बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया

इस मामले को लेकर सिंधिया ने मंगलवार को स्पेस कम्युनिकेशन के प्रमुख खिलाड़ियों से मुलाकात की। इसमें Eutelsat Oneweb, Jio-SES, Hughes Communications शामिल थे। इस बात पर भी चर्चा हुई कि लोकल स्पेस सेक्टर को विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस बैठक के बाद सिंधिया ने अपने विचार एक्स पर शेयर किए।

सैटेलाइट पर बड़ा फैसला

सिंधिया ने एक्स पर लिखा कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन इकोसिस्टम के प्रमुख खिलाड़ियों के साथ बैठक। इसमें कई हितधारकों ने भाग लिया। हमने भारत को सैटेलाइट कम्युनिकेशन में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने के लिए प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की। हमने भारत के लिए नए अवसरों पर भी चर्चा की। इससे आत्मनिर्भर भारत को काफी ताकत मिलेगी। लोगों ने इस मामले में बताया कि बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि कैसे IN-SPACe – एक स्वायत्त केंद्रीय नियामक संस्था, देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इंटरनेट सर्विस भी हुई चर्चा

सिंधिया ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के कुछ अहम लोगों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि हमने टेलीकॉम सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए कई अहम पहलुओं पर चर्चा की। हमारा फोकस इस बात पर था कि कैसे लागत कम की जा सकती है? इसके साथ ही कैसे बेहतर इंटरनेट सर्विस दी जा सकती है क्योंकि अभी यह बहुत मायने रखता है। इसमें DoT के अधिकारी और स्टेकहोल्डर्स भी शामिल थे।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Google Search
Previous Story

Google या Open AI? क्या है दोनों में अंतर, किसमें मिल रहे ज्यादा फीचर्स

Whatsapp scam
Next Story

WhatsApp Alert: गलती से भी न करें ये ऐप डाउनलोड

Latest from Latest news

Nvidia ने छीना Apple का ताज!

Nvidia TSMC biggest customer:  Artificial Intelligence ने टेक दुनिया सत्ता पलट दी है। जिस Apple को पिछले एक दशक से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की रीढ़
Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss