NCERT Krishna Book Controversy Class 6 Kannada

NCERT पर लगे आरोप, बोर्ड ने बताया क्या है सच

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June 25, 2026

NCERT Book Controversy: क्या कक्षा 6 की नई कन्नड़ किताब से ‘कृष्णा’ नाम हटा दिया गया है? क्या मांसाहारी भोजन का जिक्र जानबूझकर छोड़ा गया? इन सवालों ने पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी। अब NCERT कन्नड़ किताब विवाद पर बोर्ड ने आधिकारिक सफाई जारी कर दी है और वायरल दावों को भ्रामक बताया है। NCERT का कहना है कि नई किताबों को तय शैक्षणिक मानकों के तहत तैयार किया गया है। सोशल मीडिया पर बिना तथ्य जांचे गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं।

NCERT ने कक्षा 6 की कन्नड़ किताब विवाद पर दी सफाई, ‘कृष्णा’ नाम और मांसाहारी भोजन के दावों पर क्या कहा?

‘कृष्णा’ नाम हटाने के दावे पर क्या बोला NCERT?

विवाद की शुरुआत उस दावे से हुई जिसमें कहा गया कि नई कन्नड़ किताब में ‘कृष्णा’ नाम को बदल दिया गया है या हटाया गया है। इस पर NCERT ने स्पष्ट किया कि जिस हिस्से का जिक्र किया जा रहा है, वह भूगोल से जुड़ा अध्याय है। इसमें भारत की प्रमुख नदियों का वर्णन है और ‘कृष्णा नदी’ का नाम पहले की तरह ही मौजूद है। बोर्ड ने कहा कि किताब में किसी भी भौगोलिक या ऐतिहासिक तथ्य से छेड़छाड़ नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर फैल रहे दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

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मांसाहारी भोजन के जिक्र को लेकर भी उठे सवाल

दूसरा बड़ा विवाद भारत की खान-पान संस्कृति से जुड़ा रहा। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि नई किताब में मांसाहारी भोजन का उल्लेख नहीं किया गया। NCERT ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया। बोर्ड के अनुसार नई पुस्तकों में देश की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को संतुलित तरीके से शामिल किया गया है। बोर्ड ने कहा कि किसी विशेष खान-पान पर जोर देना या उसे नजरअंदाज करना किताबों का उद्देश्य नहीं है। छात्रों को विविधता और सामाजिक समझ देना प्राथमिक लक्ष्य है।

नई शिक्षा नीति के तहत तैयार हुई हैं किताबें

NCERT के मुताबिक नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य केवल रटने की बजाय बच्चों को व्यावहारिक और समझ आधारित शिक्षा देना है। बोर्ड ने बताया कि जब हिंदी या अंग्रेजी सामग्री का कन्नड़ जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाता है, तब स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखा जाता है। अगर कहीं भाषाई या तकनीकी भ्रम की स्थिति बनती है तो विशेषज्ञ समितियां उसकी समीक्षा करती हैं। NCERT का कहना है कि ऐसे मामलों को किसी छिपे एजेंडे से जोड़ना सही नहीं है।

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अभिभावकों और छात्रों से की गई अपील

बोर्ड ने शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। NCERT ने कहा कि सभी नई किताबें और उनका डिजिटल संस्करण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। कोई भी व्यक्ति वहां जाकर वास्तविक सामग्री देख सकता है। फिलहाल,  NCERT कन्नड़ किताब विवाद पर बोर्ड ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। NCERT का कहना है कि ‘कृष्णा’ नाम हटाने और खान-पान से जुड़े दोनों दावे गलत हैं। आने वाले दिनों में भी बोर्ड तथ्य आधारित और पारदर्शी शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर देता रहेगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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