DLMC Token BNB Chain Flash Loan Exploit

DLMC पर साइबर हमला, मिनटों में निकाले गए लाखों डॉलर

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June 25, 2026

DLMC Token Hack: क्या एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की छोटी सी कमजोरी करोड़ों रुपये के नुकसान की वजह बन सकती है? ताज़ा मामले में ऐसा ही हुआ है। DLMC Crypto Hack ने एक बार फिर साबित कर दिया कि DeFi दुनिया में तकनीकी खामी कितनी महंगी पड़ सकती है। BNB Chain पर चल रहे DLMC प्रोटोकॉल से हैकर ने करीब 2.22 लाख डॉलर (लगभग 1.9 करोड़ रुपये) की रकम निकाल ली। सुरक्षा शोधकर्ताओं के मुताबिक हमला 24 जून 2026 को हुआ और इसमें फ्लैश लोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

DLMC Crypto Hack के बाद DeFi सेक्टर में सुरक्षा को लेकर नए सवाल, जानिए कैसे हैकर ने फ्लैश लोन की मदद से लाखों डॉलर का फंड निकाल लिया।

DLMC Crypto Hack कैसे हुआ?

जांच में सामने आया कि हमलावर ने PancakeSwap से करीब 14.2 लाख USDT का फ्लैश लोन लिया। इसके बाद उसने बड़ी मात्रा में DLMC टोकन खरीदे और सिस्टम की आंतरिक कीमत को कृत्रिम रूप से बढ़ा दिया। DLMC का प्राइस मॉडल रिजर्व में मौजूद USDT और बाजार में मौजूद टोकन सप्लाई पर आधारित था। हमलावर ने इसी गणना का फायदा उठाया। कुछ ही मिनटों में टोकन की कीमत लगभग 0.41 डॉलर से बढ़कर 25 डॉलर के करीब पहुंच गई। इसके बाद हमलावर ने रिवॉर्ड में मिले टोकन ऊंची कीमत पर बेचकर ट्रेजरी से भारी रकम निकाल ली।

फ्लैश लोन और रिवॉर्ड सिस्टम बना कमजोरी

विशेषज्ञों का कहना है कि असली समस्या प्रोटोकॉल के आर्थिक मॉडल में थी। DLMC का सिस्टम रिजर्व बढ़ने पर टोकन कीमत बढ़ा देता था, लेकिन नए बनाए गए टोकन तुरंत कुल सप्लाई में नहीं जुड़ते थे। इसी वजह से कीमत असामान्य रूप से बढ़ गई। हमलावर ने 14.2 लाख USDT का फ्लैश लोन लिया, बड़ी खरीदारी कर कीमत बढ़ाई, करीब 65,908 DLMC टोकन बेचे, लगभग 16.46 लाख USDT निकाले और फ्लैश लोन चुकाने के बाद 2.22 लाख डॉलर का मुनाफा कमाया।

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ऑडिट के बावजूद क्यों नहीं बच पाया प्रोटोकॉल?

दिलचस्प बात यह है कि DLMC का स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट पहले से ऑडिटेड था और प्रोजेक्ट ने दावा किया था कि उसकी लिक्विडिटी लॉक है तथा कॉन्ट्रैक्ट का नियंत्रण छोड़ दिया गया है। फिर भी हमला सफल रहा क्योंकि तकनीकी कोड नहीं बल्कि आर्थिक संरचना कमजोर साबित हुई। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ऑडिट काफी नहीं होता। प्रोटोकॉल को फ्लैश लोन जैसे हमलों के खिलाफ अलग से टेस्ट करना जरूरी है।

DeFi सेक्टर के लिए बड़ा सबक

नुकसान की राशि बड़े क्रिप्टो हैक्स की तुलना में कम है, लेकिन यह घटना पूरे DeFi सेक्टर के लिए चेतावनी है। विशेषज्ञ अब ऐसे प्रोजेक्ट्स को बाहरी प्राइस ओरैकल, ट्रांजैक्शन लिमिट और टाइम-बेस्ड प्राइसिंग सिस्टम अपनाने की सलाह दे रहे हैं। इससे कीमतों में कृत्रिम हेरफेर को रोका जा सकता है। DLMC समुदाय अब प्रोजेक्ट की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है। फिलहाल यह साफ है कि DeFi में इनोवेशन जितना जरूरी है, उतनी ही जरूरी मजबूत सुरक्षा भी है।

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DLMC Crypto Hack ने दिखा दिया कि एक छोटी आर्थिक खामी भी बड़ा नुकसान करा सकती है। अभी निवेशकों की नजर प्रोजेक्ट की प्रतिक्रिया पर है। आने वाले दिनों में यह मामला DeFi सुरक्षा पर नई बहस छेड़ सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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