World Leaks: क्या भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में से एक का संवेदनशील डेटा हैक हो गया है? ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tata Electronics एक बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। हैकर ग्रुप World Leaks ने दावा किया है कि उसने कंपनी से 2 लाख से ज्यादा फाइलें चुराकर ऑनलाइन प्रकाशित कर दी हैं। लीक हुए डेटा में कथित तौर पर Apple फैक्ट्री रिकॉर्ड, Tesla के डिजाइन दस्तावेज और कर्मचारियों की निजी जानकारी शामिल है।
Tata Electronics Data Leak की खबर से हड़कंप: Apple रिकॉर्ड, Tesla ड्रॉइंग्स और कर्मचारियों के दस्तावेज डार्क वेब पर होने का दावा।
Tata Electronics ने साइबर हमले की पुष्टि की
Tata Electronics ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले कंपनी के कुछ सिस्टम में साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटना का पता चला था। इसके बाद तुरंत रिस्पॉन्स प्लान सक्रिय किया गया। कंपनी का कहना है कि इस घटना का उसके उत्पादन और कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया कि हमलावर सिस्टम में कैसे घुसे, कौन-कौन सा डेटा एक्सेस हुआ और क्या किसी तरह की फिरौती मांगी गई थी।
TOR-website of threat actor ‘World Leaks’ with Tata Electronics on it. pic.twitter.com/h0wAKOdm36
— International Cyber Digest (@IntCyberDigest) June 22, 2026
लीक डेटा में क्या-क्या होने का दावा?
साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं के मुताबिक, डार्क वेब पर प्रकाशित डेटा का आकार 630GB से ज्यादा बताया जा रहा है। इसमें कई बड़े ब्रांड्स से जुड़े दस्तावेज होने का दावा किया गया है।
- Apple: फैक्ट्री डेटा और iPhone सर्किट बोर्ड निरीक्षण रिकॉर्ड।
- Tesla: Model Y और Project Highland से जुड़े ड्रॉइंग्स।
- कर्मचारी डेटा: पासपोर्ट कॉपी, ईमेल और निजी दस्तावेज।
- Tata रिकॉर्ड: फैक्ट्री लाइसेंस, लॉग फाइलें और आंतरिक प्रक्रियाएं।
कुछ Tesla दस्तावेजों पर कथित तौर पर ‘Trade Secret’ का निशान भी मिला है।
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कौन है World Leaks?
World Leaks एक साइबर उगाही करने वाला समूह है, जो 2025 की शुरुआत में सामने आया था। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे पुराने साइबर अपराधी संगठन Hunters International से जुड़ा मानते हैं। यह समूह कंपनियों का डेटा चुराकर उसे सार्वजनिक करने की धमकी देता है। पहले Hunters International रैनसमवेयर हमलों के लिए बदनाम था, लेकिन बाद में इसकी रणनीति बदल गई और अब यह डेटा लीक को हथियार बना रहा है।
Hunters International is closing down their operation and as gesture of goodwill they are offering a free decryptor. What swell guys.
Don’t forget they are now World Leaks. https://t.co/kELDpT2cCG pic.twitter.com/H3JVXGPDst
— Dominic Alvieri (@AlvieriD) July 3, 2025
Apple, Tesla और कर्मचारियों पर क्या असर?
Apple इस मामले की जांच कर रही है, जबकि Tesla की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सबसे बड़ी चिंता कर्मचारियों की निजी जानकारी को लेकर है। अगर पासपोर्ट और व्यक्तिगत दस्तावेज लीक हुए हैं, तो पहचान चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा Apple और Tesla की सप्लाई चेन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां भी उजागर होने की आशंका है।
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Tata Electronics का यह साइबर हमला भारत के टेक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है। अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि डेटा लीक कितना बड़ा है और इससे कितने लोग प्रभावित हुए हैं। फिलहाल कंपनी नुकसान का आकलन करने में जुटी है।
