Mahatma Gandhi Call : अगर आपके फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आए और कॉलर ID पर ‘Mahatma Gandhi’ नाम दिखे, तो क्या आप तुरंत फोन उठा लेंगे? गांधी जयंती से पहले कुछ स्मार्टफोन यूजर्स को कॉलर ID पर ऐसा नाम दिखाई दे रहा है, लेकिन फोन की स्क्रीन पर दिख रहा नाम यह साबित नहीं करता कि कॉल सच में उसी व्यक्ति की है। कॉलर ID सर्विस अलग-अलग स्रोतों से नंबर की जानकारी जुटाती है। इसमें यूजर्स की ओर से दी गई जानकारी भी शामिल हो सकती है। इसलिए स्क्रीन पर दिखने वाला नाम गलत भी हो सकता है।
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कॉलर ID देखकर किसी पर भरोसा न करें
कॉलर ID का मकसद अनजान नंबर की पहचान करने में मदद करना है, लेकिन इसे किसी व्यक्ति की पक्की पहचान नहीं माना जा सकता। Truecaller के मुताबिक, कॉलर की जानकारी में कम्युनिटी की ओर से दिए गए नाम और सुझाव शामिल हो सकते हैं। इसका स्पैम सिस्टम भी यूजर्स की रिपोर्ट का इस्तेमाल करता है, इसलिए अगर किसी नंबर के साथ किसी बड़े व्यक्ति, बैंक, कंपनी या सरकारी विभाग का नाम दिख रहा है, तो सिर्फ उसी नाम के भरोसे आगे न बढ़ें। खासकर अगर कॉल बैंक, पुलिस या सरकारी विभाग के नाम पर आए, तो पहले रुकें। संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर खुद संपर्क करके जानकारी की पुष्टि करें।
‘Mahatma Gandhi’ नाम क्यों दिख सकता है?
किसी अनजान नंबर के साथ अगर ‘Mahatma Gandhi’ जैसा जाना-पहचाना नाम दिखे, तो लोगों की जिज्ञासा बढ़ सकती है। आमतौर पर लोग अनजान नंबर की कॉल को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का नाम देखकर वे कॉल उठा सकते हैं। ठग इसी जिज्ञासा का फायदा उठा सकते हैं। इसे Social Engineering कहा जाता है। इसमें ठग फोन या डिवाइस को सीधे हैक करने के बजाय लोगों के भरोसे और भावनाओं का फायदा उठाते हैं। कॉल उठाने के बाद ठग खुद को बैंक कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, कूरियर कंपनी या वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बता सकता है।
ठग कॉल पर कैसे फंसाते हैं?
ऐसी कॉल में ठग अक्सर डर या जल्दबाजी पैदा करते हैं। वे कह सकते हैं कि आपके बैंक अकाउंट का तुरंत वेरिफिकेशन करना है। आपका SIM बंद हो सकता है। बैंक अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा। या कोई जरूरी पेमेंट तुरंत करना होगा। इसके बाद ठग आपसे OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक की जानकारी मांग सकता है। कुछ मामलों में लिंक खोलने, कोई ऐप डाउनलोड करने या फोन का एक्सेस देने के लिए भी कहा जा सकता है। ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि घबराएं नहीं। Caller ID पर दिख रहा नाम सही होने की गारंटी नहीं है। सामने वाले को आपकी कुछ निजी जानकारी पता हो, तब भी उसकी पहचान सही साबित नहीं होती।
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Vishing क्या होता है?
फोन कॉल के जरिए लोगों से निजी या बैंकिंग जानकारी लेने की कोशिश को Vishing यानी Voice Phishing कहा जाता है। ठग आपसे OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक डिटेल या दूसरी जरूरी जानकारी मांग सकता है। वह आपको किसी लिंक पर क्लिक करने या कोई ऐप इंस्टॉल करने के लिए भी कह सकता है। याद रखें, कोई भी भरोसेमंद संस्था फोन पर आपसे संवेदनशील जानकारी मांग रही है, ऐसा मानकर तुरंत जानकारी शेयर न करें।
इन बातों का ध्यान रखें:
- OTP, PIN और पासवर्ड किसी Caller को न बताएं।
- बैंक की जानकारी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
- सिर्फ Caller ID देखकर भरोसा न करें।
- बैंक या सरकारी विभाग की जानकारी आधिकारिक नंबर से जांचें।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी के कहने पर बिना जांचे ऐप डाउनलोड न करें।
अगर गलती से जानकारी शेयर कर दी तो?
अगर आपने गलती से किसी संदिग्ध कॉलर को बैंक डिटेल, OTP या दूसरी संवेदनशील जानकारी दे दी है, तो तुरंत कार्रवाई करें। सबसे पहले अपने बैंक या वित्तीय संस्था से उसके आधिकारिक चैनल के जरिए संपर्क करें। उन्हें पूरी घटना बताएं और जरूरी सुरक्षा कदम उठाएं। अगर साइबर फ्रॉड में आपके पैसे चले गए हैं, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। आप National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए भी साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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स्क्रीन पर नाम कुछ भी हो सकता है
Caller ID सुविधा अनजान नंबर पहचानने में मदद करती है। लेकिन इसे पहचान की अंतिम गारंटी नहीं मानना चाहिए। फोन पर ‘Mahatma Gandhi’ नाम दिखे या किसी बैंक और सरकारी संस्था का नाम, पहले जानकारी की पुष्टि करें। थोड़ी सावधानी आपको बड़ी ठगी से बचा सकती है।
