FBI Kinetic Cyber Range

दुनिया के इस सीक्रेट शहर के अंदर क्या होता है? FBI ने खोला राज

7 mins read
1 views
June 15, 2026

FBI Kinetic Cyber Range: क्या आपने कभी ऐसा शहर देखा है जिसे सिर्फ हैकर्स से लड़ने की ट्रेनिंग के लिए बनाया गया हो? अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने कुछ ऐसा ही किया है। बढ़ते साइबर अपराधों के बीच FBI ने एक पूरा नकली शहर तैयार किया है, जहां अधिकारी असली जैसी परिस्थितियों में साइबर हमलों से निपटने की ट्रेनिंग लेते हैं।

FBI ने बनाया नकली शहर: Alabama में Kinetic Cyber Range से Ransomware और साइबर अटैक ट्रेनिंग का बड़ा खुलासा

FBI Cyber Range क्या है?

अमेरिका के अलबामा राज्य के हंट्सविल में बना यह विशेष प्रशिक्षण केंद्र 22,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। इसे Kinetic Cyber Range नाम दिया गया है। इस नकली शहर में घर, होटल, अस्पताल, किराना स्टोर, पेट्रोल पंप, कोर्ट और बिजली आपूर्ति केंद्र तक बनाए गए हैं। यहां सड़कें, ट्रैफिक सिग्नल और इंटरनेट से जुड़े सिस्टम भी मौजूद हैं ताकि माहौल पूरी तरह वास्तविक लगे।

साइबर हमलों की असली तस्वीर दिखाता है यह शहर

इस प्रशिक्षण केंद्र का मकसद सिर्फ तकनीकी जानकारी देना नहीं है। यहां अधिकारियों को यह भी समझाया जाता है कि साइबर हमला होने पर आम लोगों और जरूरी सेवाओं पर क्या असर पड़ सकता है। FBI के मुताबिक, यहां रैनसमवेयर जैसे खतरनाक हमलों की नकल की जाती है। ट्रेनिंग के दौरान अस्पतालों, बिजली सेवाओं और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों पर पड़ने वाले प्रभावों को भी दिखाया जाता है। अब तक 1,400 से ज्यादा प्रशिक्षु यहां प्रशिक्षण ले चुके हैं।

READ MORE: Crypto फर्मों के लिए लागू हुए नए साइबर सुरक्षा नियम

200 से ज्यादा सर्वर वाला डेटा सेंटर भी मौजूद

इस साइबर शहर की सबसे खास बात इसका आधुनिक डेटा सेंटर है। यहां 200 से अधिक फिजिकल सर्वर लगाए गए हैं। इन सर्वरों में Windows और Linux दोनों तरह के सिस्टम चलाए जाते हैं। इससे जांच अधिकारियों को वैसा ही माहौल मिलता है जैसा उन्हें किसी असली साइबर अपराध की जांच के दौरान देखने को मिल सकता है। FBI अधिकारियों का कहना है कि इस सुविधा को जानबूझकर वास्तविक डेटा सेंटर जैसा बनाया गया है।

डिजिटल फॉरेंसिक जांच की भी मिलती है ट्रेनिंग

यह केंद्र केवल हमलों से बचाव तक सीमित नहीं है। यहां डिजिटल फॉरेंसिक जांच की भी ट्रेनिंग दी जाती है। अधिकारी सीखते हैं कि एन्क्रिप्टेड डिवाइस और सिस्टम से जरूरी सबूत कैसे जुटाए जाएं। हालांकि, साइबर जांच में इस्तेमाल होने वाले कुछ टूल्स को लेकर गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठते रहे हैं। इसी वजह से साइबर सुरक्षा और निजता के बीच संतुलन पर बहस लगातार जारी है।

READ MORE: RBI ने फर्जी ऐप्स पर की सख्ती, जानें नए नियम

अमेरिका में साइबर अपराध से होने वाला नुकसान 20.9 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। ऐसे में FBI का यह नकली शहर भविष्य के साइबर खतरों से निपटने की बड़ी तैयारी माना जा रहा है। आने वाले समय में दुनिया की अन्य एजेंसियां भी ऐसे मॉडल को अपना सकती हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

drishyam 3 ott release date prime video
Previous Story

फैंस का इंतजार खत्म, OTT पर रिलीज होगी ‘Drishyam 3’

Latest from Cybersecurity

Don't Miss