Crypto Banking Rules: क्या बैंकिंग सुविधा की कमी ब्रिटेन के क्रिप्टो कारोबार की राह रोक सकती है? अभी ब्रिटेन में सांसद इसी सवाल की जांच कर रहे हैं। Crypto and Digital Assets All-Party Parliamentary Group के सह-अध्यक्ष गुरिंदर सिंह जोसन MP और लॉर्ड वैजी ऑफ डिडकॉट ने 11 अगस्त को बड़े बैंकों और बैंकिंग सेवा देने वाली कंपनियों को पत्र भेजा।
ब्रिटेन के सांसद क्रिप्टो कंपनियों के बैंक खातों और लेनदेन पर लगी पाबंदियों की जांच कर रहे, बैंकों से 31 अगस्त तक जवाब मांगा गया है।
UK Crypto Banking पर बैंकों से मांगा जवाब
सांसदों ने बैंकों से पूछा है कि क्या वे क्रिप्टो कंपनियों को बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं। साथ ही उनसे डिजिटल एसेट लेनदेन पर लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी मांगी गई है। बैंकों से यह भी पूछा गया है कि नई नियामक व्यवस्था लागू होने के बाद उनकी नीतियां बदलेंगी या नहीं। सांसदों का कहना है कि बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच क्रिप्टो और डिजिटल एसेट कारोबार की ग्रोथ में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक हो सकती है। APPG के मुताबिक, कई क्रिप्टो कंपनियों ने खाते खोलने या पुराने खाते बनाए रखने में परेशानी की शिकायत की है। कुछ कंपनियों ने भुगतान सीमा और क्रिप्टो से जुड़े लेनदेन पर रोक की भी जानकारी दी है।
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बैंकों की जोखिम नीति पर भी सवाल
सांसदों ने माना कि बैंकों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकने और ग्राहकों की सुरक्षा समेत कई नियमों का पालन करना पड़ता है। लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई क्रिप्टो कंपनी नए नियमों के तहत अधिकृत हो जाती है, तो क्या सिर्फ उसके सेक्टर के कारण उस पर व्यापक पाबंदियां जारी रहनी चाहिए? पत्र में कहा गया है कि बैंकिंग फैसले कंपनी के सेक्टर के बजाय उसके व्यक्तिगत जोखिम प्रोफाइल को देखकर होने चाहिए। ट्रेजरी की इकोनॉमिक सेक्रेटरी लूसी रिग्बी भी इस साल संसद में ऐसा ही रुख जाहिर कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि FCA से अधिकृत क्रिप्टो कंपनियों पर सिर्फ सेक्टर के आधार पर बैंकिंग प्रतिबंध नहीं होने चाहिए।
21 जुलाई से चल रही है जांच
APPG ने क्रिप्टो कंपनियों की बैंकिंग पहुंच को लेकर अपनी जांच 21 जुलाई को शुरू की थी। इसमें देखा जा रहा है कि समस्या कितनी बड़ी है और इसका निवेश तथा कारोबार की ग्रोथ पर क्या असर पड़ रहा है। जांच में कई तरह के कारोबार शामिल हैं। इनमें एक्सचेंज, कस्टोडियन, भुगतान कंपनियां, वॉलेट सेवा प्रदाता, टोकनाइजेशन कंपनियां और स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियां शामिल हैं। सांसदों ने बैंकों से यह भी पूछा है कि वैध क्रिप्टो कंपनियों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में सरकार और नियामक क्या मदद कर सकते हैं।
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31 अगस्त तक दे सकते हैं सुझाव
APPG ने लिखित सुझाव देने की आखिरी तारीख 31 अगस्त रखी है। इसके बाद समूह मिले जवाबों के आधार पर सरकार के लिए सिफारिशें तैयार करेगा। ब्रिटेन एक तरफ डिजिटल एसेट कंपनियों को आकर्षित करना चाहता है। दूसरी तरफ वह इस सेक्टर के लिए स्पष्ट नियमन तैयार कर रहा है। अगर लाइसेंस पाने वाली कंपनियों को भी बैंक खाते और सामान्य बैंकिंग सेवाएं नहीं मिलतीं, तो नई व्यवस्था के लक्ष्यों पर सवाल उठ सकते हैं। अभी UK Crypto Banking की बहस सिर्फ बैंक खाते तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध ब्रिटेन के डिजिटल एसेट सेक्टर की भविष्य की ग्रोथ और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से भी जुड़ा है।
