ED Raids West Bengal Crypto Chit Fund

बंगाल में क्रिप्टो घोटाले पर ED का छापा, कई ठिकानों पर छापे

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July 9, 2026

Enforcement Directorate: क्या क्रिप्टो निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्रवाई शुरू की। क्रिप्टो निवेश घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एजेंसी ने कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में क्रिप्टो स्कीम, चिट फंड और फर्जी शेयर बाजार ट्रेनिंग से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

पश्चिम बंगाल में क्रिप्टो निवेश घोटाले की जांच के तहत ED ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। जानिए पूरा मामला और जांच में अब तक क्या सामने आया।

क्रिप्टो निवेश घोटाले में पिता-पुत्र जांच के घेरे में

ED की टीम ने पश्चिम बर्धमान के अंडाल इलाके में दिलीप मलिक और उनके बेटे दिगंत मलिक के घर पर तलाशी ली। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने क्रिप्टो निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए और ऊंचे रिटर्न का लालच दिया। बताया जा रहा है कि कोलकाता के फेयरली प्लेस में एक दफ्तर खोलकर निवेशकों को आकर्षित किया गया। सोशल मीडिया के जरिए इस योजना का बड़े स्तर पर प्रचार किया गया। जांच में सामने आया है कि दिगंत मलिक पहले भी इस मामले में गिरफ्तार हो चुका था और बाद में उसे जमानत मिल गई थी। हाल ही में उसके बैंक खातों में बड़े वित्तीय लेन-देन मिलने के बाद ED ने दोबारा जांच तेज कर दी।

दुबई तक पहुंचा पैसों का सुराग

जांच एजेंसियों को शक है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का कुछ हिस्सा दुबई भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, इस पैसे को अलग-अलग माध्यमों से विदेश पहुंचाने की कोशिश की गई हो सकती है। अब ED बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसा किन खातों से होकर गुजरा और क्या इसका विदेशी नेटवर्क से कोई सीधा संबंध है।

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चिट फंड और फर्जी शेयर बाजार ट्रेनिंग भी जांच के दायरे में

ED ने हावड़ा जिले में सौरव चटर्जी के ठिकाने पर भी छापा मारा। उन पर कई चिट फंड कंपनियों और शेयर बाजार से जुड़े कारोबारियों के साथ वित्तीय संबंध होने का संदेह है। वहीं, नदिया जिले में कारोबारी शुभ्र कांति नाग उर्फ बाबई नाग के परिसरों की भी तलाशी ली गई। जांच के मुताबिक, उन्होंने ‘स्टॉक गुरुकुल’ नाम से ऐसा प्लेटफॉर्म चलाया, जिसे शेयर बाजार ट्रेनिंग और निवेश सेवा के रूप में पेश किया गया, लेकिन आरोप है कि इसके जरिए निवेशकों से पैसा जुटाकर धोखाधड़ी की गई। तलाशी के दौरान नाग और उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं मिले।

बंगाल में लगातार तेज हो रही ED की कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में ED लगातार वित्तीय गड़बड़ियों पर शिकंजा कस रही है। दो दिन पहले, एजेंसी ने 150 करोड़ के कथित फंड रूटिंग मामले में भी कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के दौरान संदिग्ध लेन-देन से जुड़े करीब ₹440 करोड़ विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज किए गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि अब पारंपरिक चिट फंड की जगह क्रिप्टो निवेश और सोशल मीडिया प्रचार का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लिया जा रहा है। इससे जांच एजेंसियों के सामने नए तरह की चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं।

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ED ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। छापेमारी जारी है और दस्तावेजों के साथ डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे या नई कार्रवाई सामने आ सकती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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