Binance APAC प्रमुख की सलाह, भारत में Rupee Stablecoin जरूरी

Binance APAC प्रमुख की सलाह, भारत में Rupee Stablecoin जरूरी

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August 3, 2026

रुपया-आधारित Stablecoin को लेकर Binance ने बड़ा सुझाव दियाजानें इससे भारतीय निवेशकोंडिजिटल भुगतान और क्रिप्टो बाजार को क्या फायदा हो सकता है 

India Rupee Stablecoin: Rupee Stablecoin को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। क्रिप्टो एक्सचेंज Binance के एशिया-प्रशांत (APAC) प्रमुख SB Seker ने कहा है कि भारत को नियमों के तहत रुपया-समर्थित Stablecoin की अनुमति देनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे निवेशकों और संस्थानों को अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और डिजिटल भुगतान व्यवस्था भी मजबूत होगी। 

रुपया-आधारित Stablecoin क्यों जरूरी बताया गया?

SB Seker के मुताबिक, भारत का ज्यादातर क्रिप्टो बाजार अभी USDT और USDC जैसे डॉलर-आधारित Stablecoins पर निर्भर है। ऐसे में डॉलर की कीमत बढ़ने या घटने का सीधा असर भारतीय निवेशकों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर Rupee Stablecoin आता है तो निवेशक रुपये में ही अपनी होल्डिंग सुरक्षित रख सकेंगे। इससे विदेशी मुद्रा जोखिम कम होगा और लेनदेन भी आसान बनेगा। 

USDT संकट के बाद बढ़ी मांग

जून में भारत में USDT की आपूर्ति कम होने के बाद कई एक्सचेंजों पर इसकी कीमत करीब 8.5% प्रीमियम तक पहुंच गई थी। इस घटना ने दिखाया कि भारतीय बाजार डॉलर-आधारित Stablecoins पर कितना निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत का अपना विनियमित Stablecoin मौजूद होता, तो इस तरह की स्थिति का असर काफी कम हो सकता था। 

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RBI और सरकार का क्या है रुख?

फिलहाल भारत में निजी Stablecoins के लिए अलग कानूनी ढांचा नहीं है। हालांकि, देश में क्रिप्टो निवेश पर 30% टैक्स और कई लेनदेन पर 1% TDS लागू है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फिलहाल डिजिटल रुपया (CBDC) पर काम कर रहा है। वहीं, RBI ने वैश्विक Stablecoin नियमों जैसे GENIUS Act और यूरोप के MiCA फ्रेमवर्क का भी अध्ययन किया है। उद्योग से जुड़े कई विशेषज्ञ मानते हैं कि निजी Stablecoins और डिजिटल रुपया दोनों अलग-अलग जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। 

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ब्लॉकचेन और डिजिटल भुगतान को मिल सकता है फायदा

SB Seker का कहना है कि रुपया-आधारित Stablecoin से सीमा पार भुगतान, रेमिटेंस और ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय सेवाएं तेज और सस्ती हो सकती हैं। उन्होंने Real World Asset (RWA) Tokenization को भी भारत के लिए बड़ा अवसर बताया। साथ ही, क्रिप्टो सेक्टर में Self-Regulatory Organizations (SROs) बनाने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि जापान, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में यह मॉडल पहले से सफल रहा है। 

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। इसे निवेश की सलाह न मानें। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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