nvidia ai revenue record 80 billion buyback

Nvidia का बड़ा धमाका, रिकॉर्ड राजस्व और 80 अरब डॉलर बायबैक से बढ़ा भरोसा

7 mins read
61 views
May 21, 2026

Nvidia AI Revenue: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लगातार मांग ने Nvidia को रिकार्ड कमाई करवा दिया है। ताजा तिमीही आंकड़े पर गैर करें तो राजस्व और मुनाफा दोनों ने उम्मीद से बेहतर रहा है। बता दें कि दुनिया भर में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च तेजी से किया जा रहा है। कंपनी इस रिकार्ड से उत्साहित होकर करीब 80 अरब डॉलर के बड़े शेयर बायबैक प्रोग्राम का भी ऐलान किया। इसका मतलब यह हुआ कि एवीडिया अपने ही शेयर बाजार से वापिस खरीदेगी। यह रणनीति कंपनी के आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।

एआई बूम का सबसे बड़ा फायदा Nvidia को मिल रहा है। कंपनी ने शानदार तिमाही नतीजों के साथ भविष्य के लिए जारी किया अनुमान…जानिए क्यों?

अगले क्वार्टर के लिए बड़ा अनुमान

एनवीडिया ने अगले क्वार्टर के लिए करीब 91 अरब डॉलर राजस्व का अनुमान दिया है। बताया जाता है कि यह वॉल स्ट्रीट के अनुमान से कहीं ज्यादा है। बाजार को 86.84 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान थी। इससे निवेशकों में भी काफी उत्साह बढ़ते हुए दिखाई दिया। यही वजह है कि एआई की दुनियां में आज एनवीडिया का रोल काफी महत्वपूर्ण हो गया है। क्योंकिं के जीपीयू चिप्स, बड़ा डेटा सेंटर और एआई म़ॉडल बनाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं। ChatGPT जैसे एआई  टूल्स से लेकर क्लाउड कंप्यूटिंग तक, हर जगह एनवीडिया की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

बड़े-बड़े टेक दिग्गज कर रहे हैं भारी निवेश

एआई का खुमार बड़े से बड़े टेक कंपनियों के सर चढ़कर बोल रहा है। चाहे वो अल्फाबेट हो, अमेजन हो या फिर माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां। सभी एआई पर भारी निवेश कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल बड़ी टेक  कंपनियां एआई  पर 700 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर सकती हैं। इन्हीं खर्च के वजह से एनवीडिया की क्माई लगातार बढ़ रहा है।

READ MORE- कौन है Andrej Karpathy? OpenAI छोड़ जॉइन किया Anthropic

जेन्सेन हुआंग ने बदल दी कंपनी की पहचान

बताया जा रहा है यह सारा कमाल कंपनी के सीईओ जेन्सेन हुआंग के नेतृत्व किया जा रहा है। कभी एनवीडिया सिर्फ गेमिंग चिप्स के लिए जानी जाती थी। आज कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। हाल यह है कि दुनियां के बड़ी से बड़ी एआई प्रोजेक्ट एनवीडिया के ही हार्डवेयर पर निर्भर है। हालांकि, कंपनी के सामने चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। कई टेक कंपनियां अब अपने खुद के एआई चिप्स बना रही हैं। उनका लक्ष्य एनवीडिया पर निर्भरता कम करना है। इंटेल और एएमडी भी एआई चिप मार्केट में पैर जमाने की कोशिश कर रही है।

READ MORE- YouTube Scripts, Social Media Posts और Digital Marketing के लिए ChatGPT का उपयोग

शेयर बाजार पर भी दिख रहा असर

कंपनी के इस तेजगति से बढ़ते ग्रोथ का असर शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है। इसके पीछे एआई कंपनियों की बड़ी भूमिका है। निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि एआई का दौर और आगे कितने समय तक चलता रहेगा। फिलहाल, एआई की रफ्तार को देखकर यही लगता है कि इसकी रफ्तार अभी थमनेवाली नहीं है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

बदलते क्रिप्टो ट्रेंड के बीच Syndicate Labs करेगी काम बंद
Previous Story

बदलते क्रिप्टो ट्रेंड के बीच Syndicate Labs करेगी काम बंद

india crypto regulation binance-wazirx
Next Story

Crypto पर कसेगा शिकंजा? सरकार ने Binance-WazirX से मांगा जवाब

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss