Nvidia AI Revenue: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लगातार मांग ने Nvidia को रिकार्ड कमाई करवा दिया है। ताजा तिमीही आंकड़े पर गैर करें तो राजस्व और मुनाफा दोनों ने उम्मीद से बेहतर रहा है। बता दें कि दुनिया भर में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च तेजी से किया जा रहा है। कंपनी इस रिकार्ड से उत्साहित होकर करीब 80 अरब डॉलर के बड़े शेयर बायबैक प्रोग्राम का भी ऐलान किया। इसका मतलब यह हुआ कि एवीडिया अपने ही शेयर बाजार से वापिस खरीदेगी। यह रणनीति कंपनी के आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।
एआई बूम का सबसे बड़ा फायदा Nvidia को मिल रहा है। कंपनी ने शानदार तिमाही नतीजों के साथ भविष्य के लिए जारी किया अनुमान…जानिए क्यों?
अगले क्वार्टर के लिए बड़ा अनुमान
एनवीडिया ने अगले क्वार्टर के लिए करीब 91 अरब डॉलर राजस्व का अनुमान दिया है। बताया जाता है कि यह वॉल स्ट्रीट के अनुमान से कहीं ज्यादा है। बाजार को 86.84 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान थी। इससे निवेशकों में भी काफी उत्साह बढ़ते हुए दिखाई दिया। यही वजह है कि एआई की दुनियां में आज एनवीडिया का रोल काफी महत्वपूर्ण हो गया है। क्योंकिं के जीपीयू चिप्स, बड़ा डेटा सेंटर और एआई म़ॉडल बनाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं। ChatGPT जैसे एआई टूल्स से लेकर क्लाउड कंप्यूटिंग तक, हर जगह एनवीडिया की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
बड़े-बड़े टेक दिग्गज कर रहे हैं भारी निवेश
एआई का खुमार बड़े से बड़े टेक कंपनियों के सर चढ़कर बोल रहा है। चाहे वो अल्फाबेट हो, अमेजन हो या फिर माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां। सभी एआई पर भारी निवेश कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल बड़ी टेक कंपनियां एआई पर 700 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर सकती हैं। इन्हीं खर्च के वजह से एनवीडिया की क्माई लगातार बढ़ रहा है।
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जेन्सेन हुआंग ने बदल दी कंपनी की पहचान
बताया जा रहा है यह सारा कमाल कंपनी के सीईओ जेन्सेन हुआंग के नेतृत्व किया जा रहा है। कभी एनवीडिया सिर्फ गेमिंग चिप्स के लिए जानी जाती थी। आज कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। हाल यह है कि दुनियां के बड़ी से बड़ी एआई प्रोजेक्ट एनवीडिया के ही हार्डवेयर पर निर्भर है। हालांकि, कंपनी के सामने चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। कई टेक कंपनियां अब अपने खुद के एआई चिप्स बना रही हैं। उनका लक्ष्य एनवीडिया पर निर्भरता कम करना है। इंटेल और एएमडी भी एआई चिप मार्केट में पैर जमाने की कोशिश कर रही है।
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शेयर बाजार पर भी दिख रहा असर
कंपनी के इस तेजगति से बढ़ते ग्रोथ का असर शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है। इसके पीछे एआई कंपनियों की बड़ी भूमिका है। निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि एआई का दौर और आगे कितने समय तक चलता रहेगा। फिलहाल, एआई की रफ्तार को देखकर यही लगता है कि इसकी रफ्तार अभी थमनेवाली नहीं है।
