Xiaomi Robot AI Model: Xiaomi ने अपना नया ओपन-सोर्स रोबोट फाउंडेशन मॉडल XR-1 जारी कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल निर्देशों को समझकर अलग-अलग जगहों पर कई तरह के काम कर सकता है। इसके साथ ट्रेनिंग पाइपलाइन, डिप्लॉयमेंट टूल और टेस्टिंग कोड भी डेवलपर्स के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
Xiaomi Robotics-1 को कंपनी ने ओपन-सोर्स कर दिया है। जानें XR-1 क्या है, यह कैसे काम करता है और इसमें कौन से नए AI फीचर्स दिए गए हैं।
Xiaomi Robotics-1 क्या है और कैसे काम करता है?
Xiaomi Robotics-1 (XR-1) एक Vision-Language-Action मॉडल है। यानी यह रोबोट जो देखता है, उसे समझता है, लिखे या बोले गए निर्देशों को पढ़ता है और फिर उसी हिसाब से सही काम करता है। कंपनी के अनुसार, इस मॉडल को 1 लाख घंटे से ज्यादा के वास्तविक डेटा पर पहले से प्रशिक्षित किया गया है। यह डेटा 1,700 से ज्यादा अलग-अलग माहौल से जुटाया गया। इसके बाद 10,000 घंटे से अधिक के अतिरिक्त डेटा से इसकी क्षमता और बेहतर बनाई गई।
घर से फैक्ट्री तक कर सकेगा कई काम
Xiaomi का कहना है कि XR-1 नए माहौल में भी बिना अलग ट्रेनिंग के काम कर सकता है। इसकी ट्रेनिंग में कई तरह की जगहों का डेटा शामिल किया गया।
- घर और रसोई
- दुकान और व्यावसायिक स्थान
- फैक्ट्री और औद्योगिक क्षेत्र
- बाहरी स्थान
पोस्ट-ट्रेनिंग के दौरान 7,200 घंटे से ज्यादा डेटा घरों से लिया गया। इसमें सोफा व्यवस्थित करना, जूते रखना और रसोई का सामान सही जगह पर रखना जैसे काम शामिल थे।
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कम ट्रेनिंग में भी बेहतर प्रदर्शन का दावा
कंपनी के मुताबिक, XR-1 कम उदाहरण देखकर भी नया काम सीख सकता है। इसे मोबाइल पैक करना, प्रिंटर में कागज भरना, कपड़े लोड करना और बॉक्स पैक करना जैसे काम सिखाए गए। Xiaomi का दावा है कि हर काम के लिए औसतन 10 घंटे से कम ट्रेनिंग में मॉडल ने 75% सफलता हासिल की। वहीं 40 घंटे से कम ट्रेनिंग मिलने पर सफलता दर 85% तक पहुंच गई।
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Xiaomi Robotics-1 का ओपन-सोर्स होना रोबोटिक्स डेवलपर्स और रिसर्चर्स के लिए बड़ी खबर है। अब यह मॉडल वास्तविक परिस्थितियों में कितना सफल साबित होता है, इसकी तस्वीर आने वाले समय में साफ होगी।
