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Grammarly और Superhuman की डील, ईमेल होगा और स्मार्ट

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July 2, 2025

Grammarly ने Superhuman को खरीदा है। अब AI एजेंट्स आपके ईमेल पढ़ने से लेकर जवाब देने तक हर काम को स्मार्ट और तेज बनाएंगे, जिससे आपका काम आसान और तेज़ हो जाएगा।

Grammarly and Superhuman: Grammarly एक पॉपुलर राइटिंग टूल के तौर पर जाना जाता था, अब अपना दायरा बढ़ा रहा है। कंपनी ने इस बार शानदार ईमेल ऐप Superhuman को खरीद लिया है। यह ऐप अपनी तेज स्पीड स्मार्ट फीचर्स और शानदार डिजाइन के लिए जाना जाता है। इस डील के जरिए Grammarly अब सिर्फ ग्रामर सुधारने वाला टूल नहीं रह गया, बल्कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनने की कोशिश कर रहा है, जो आपकी प्रोडक्टिविटी को कई गुना बढ़ा सके।

क्या है Superhuman

Superhuman एक AI पावर्ड ईमेल ऐप है, जिसे राहुल वोहरा विवेक सोडे़रा और कॉनराड इरविन ने मिलकर बनाया था। इस ऐप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग इससे ईमेल तेजी से भेज और पढ़ सकें। Superhuman का दावा है कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग हर घंटे लगभग 72 प्रतिशत ज्यादा ईमेल भेजते हैं।

इस ऐप में पहले से ही कई स्मार्ट फीचर्स हैं :-

  • स्मार्ट रिप्लाई: ईमेल का जवाब खुद बता देना
  • ऑटो शेड्यूलिंग: किसी मीटिंग या कॉल को अपने आप तय कर देना
  • AI से मेल्स को पढ़ना समझना और जवाब देना

कंपनी का कहना है कि उनके 94% एक्टिव यूजर्स पहले से ही AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Grammarly का प्लान क्या है

Grammarly हर हफ्ते 50 मिलियन से ज्यादा ईमेल्स को प्लेटफॉर्म्स जैसे Gmail Outlook Apple Mail और Superhuman पर प्रोसेस करता है। अब जब उसने Superhuman को ही खरीद लिया है, तो उसका अगला कदम और बड़ा होने वाला है।

Grammarly के CEO शिशिर मेहरोत्रा का कहना है कि ईमेल सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि ये वो जगह है जहां लोग दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं और ये एकदम सही जगह है, जहां कई AI टूल्स एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

कैसे होगा यूजर्स को फायदा

Grammarly का लक्ष्य यूजर को कई कामों के लिए अलग-अलग ऐप्स इस्तेमाल न करने पड़ें। एक ही प्लेटफॉर्म पर सारे काम AI से हो जाएं। यानि आप कई AI एजेंट्स के साथ एक ही जगह पर आसानी से काम कर पाएंगे। इससे काम का बोझ कम होगा और आप ज्यादा तेजी से बेहतर काम कर पाएंगे।

डील की क्या है कीमत

अब तक Grammarly और Superhuman ने इस डील की असली कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन Superhuman ने इससे पहले बड़े निवेशकों जैसे Andreessen Horowitz Tiger Global आदि से 114 मिलियन डॉलर से ज्यादा की फंडिंग जुटाई थी। कंपनी की आखिरी वैल्यूएशन 825 मिलियन डॉलर बताई गई थी।

क्या होगा Grammarly का अगला कदम

Grammarly अब सिर्फ स्पेलिंग और ग्रामर सुधारने वाला टूल नहीं रहना चाहता। उसने इससे पहले Coda नाम का एक डॉक्युमेंट और टीम वर्क प्लेटफॉर्म भी खरीदा था। अब Superhuman को भी जोड़कर वह एक बड़ा AI Productivity Platform बना रहा है, जो अलग-अलग कामों के लिए स्मार्ट एजेंट्स से आपकी मदद करेगा।

कंपनी ने साल 2024 की शुरुआत में 1 बिलियन डॉलर की नॉन डायल्यूटिव फंडिंग भी ली थी, जिसे वह आने वाले समय में अपने रेवेन्यू से धीरे धीरे चुकाएगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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