Gold Price Today: क्या पिछले कुछ सालों में गोल्ड से मिला 23% सालाना रिटर्न आगे भी जारी रहेगा? अभी का प्रदर्शन शानदार है, लेकिन गोल्ड का लंबा इतिहास कुछ और कहानी कहता है। 2019 से 31 अगस्त 2026 तक गोल्ड ने करीब 23% CAGR दिया है। मगर कई लंबे दौर ऐसे भी रहे हैं, जब रिटर्न लगभग शून्य रहा।
Gold के 23% CAGR रिटर्न से निवेशक खुश, लेकिन क्या आगे भी इतनी कमाई होगी? जानिए गोल्ड का इतिहास।
गोल्ड ने हाल के वर्षों में दिया शानदार रिटर्न
FundsIndia की सितंबर 2026 वेल्थ कन्वर्सेशंस रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग लंबी अवधि में भी गोल्ड ने मजबूत रिटर्न दिया है। 31 अगस्त तक पिछले 10 साल में गोल्ड का सालाना रिटर्न 17.3% रहा। 20 साल में यह 14.5%, 30 साल में 12.2% और 40 साल में 11.9% रहा। इन आंकड़ों में गोल्ड की अमेरिकी डॉलर कीमत को USD/INR एक्सचेंज रेट के आधार पर रुपये में बदला गया है। यानी भारतीय निवेशक के लिए रुपये में गोल्ड के प्रदर्शन को देखा गया है। अभी गोल्ड की कीमत में उतार-चढ़ाव भी तेज है। 31 अगस्त को कीमत 13,961 प्रति ग्राम थी। एक महीने पहले यह 12,349 और छह महीने पहले 15,292 प्रति ग्राम थी।
इतिहास में कई बार गोल्ड रिटर्न रहा करीब 0%
गोल्ड का इतिहास बताता है कि तेज तेजी के बाद लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन भी हो सकता है। 1980 से 1989 के बीच गोल्ड का रिटर्न करीब 0% रहा। इसके बाद 1989 से 1996 के बीच CAGR करीब 12% रहा। फिर 1996 से 2002 तक रिटर्न दोबारा करीब 0% पर आ गया। इसके बाद 2002 से 2012 के बीच गोल्ड ने करीब 19% CAGR दिया, लेकिन 2012 से 2019 के बीच फिर रिटर्न करीब 0% रहा। अब 2019 से अगस्त 2026 तक करीब 23% CAGR का दौर देखने को मिला है। यही वजह है कि सिर्फ हालिया तेजी देखकर भविष्य के रिटर्न का अनुमान लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
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इंफ्लेशन के बाद कितना गोल्ड रिटर्न मानें?
लंबी अवधि में गोल्ड ने महंगाई को पीछे छोड़ा है। FundsIndia के मुताबिक, कम से कम 21 साल के निवेश दौर में गोल्ड ने इंफ्लेशन को करीब 5-6% तक मात दी है, लेकिन भविष्य के लिए ज्यादा सावधानी वाला अनुमान बेहतर माना गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशक लंबी अवधि में इंफ्लेशन से 2-4 प्रतिशत अंक ज्यादा गोल्ड रिटर्न मान सकते हैं। अगस्त 2026 में भारत की CPI इंफ्लेशन 4.82% रही। इसे आधार मानें तो गोल्ड के लॉन्ग-टर्म रिटर्न का अनुमान करीब 6.82% से 8.82% सालाना बैठता है। यह अगले 1-2 साल का पूर्वानुमान नहीं है। यह सिर्फ लंबी अवधि में रिटर्न का एक अनुमानित फ्रेमवर्क है।
गोल्ड में निवेश से पहले इन फैक्टर्स पर नजर
गोल्ड का भाव कई चीजों से प्रभावित होता है। इनमें प्रमुख हैं:
- सेंट्रल बैंक की खरीदारी
- अमेरिकी रियल यील्ड्स
- माइनिंग कॉस्ट
- मनी सप्लाई
- USD/INR एक्सचेंज रेट
इसलिए अभी मिले 23% CAGR को भविष्य का स्थायी रिटर्न मानना सही नहीं होगा।
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गोल्ड लंबी अवधि में महंगाई से बचाव और खरीदारी की ताकत बनाए रखने में मदद कर सकता है। लेकिन इसके बीच लंबे समय तक कमजोर रिटर्न भी आ सकते हैं। इसलिए निवेश का फैसला करते समय हालिया तेजी के बजाय समयावधि, महंगाई और वोलैटिलिटी को ध्यान में रखना ज्यादा जरूरी है।
