परीक्षा दे रहा था AI और खुद बन गया पेपर लीक करने वाला

परीक्षा दे रहा था AI और खुद बन गया पेपर लीक करने वाला

7 mins read
158 views
March 9, 2026

Claude Opus 4 Test: सोचिए कोई स्टूडेंट परीक्षा दे रहा हो और अचानक उसे समझ आ जाए कि यह किस किताब से सवाल आए हैं। फिर वो खुद उस किताब का ताला तोड़कर जवाब निकाल ले। यही कुछ हुआ Anthropic की AI के साथ। और यह सुनकर खुद Anthropic के इंजीनियर भी हैरान रह गए।

Anthropic के Claude Opus 4.6 ने खुद पहचान लिया कि उसका AI टेस्ट चल रहा है और फिर खुद ही जवाबों का ताला तोड़ दिया। यह घटना AI रिसर्च की दुनिया में पहली बार हुई है।

पहले समझते हैं यह हुआ कहां

Anthropic एक बड़ी AI कंपनी है जो Claude नाम का AI बनाती है। इंजीनियर अपने नए मॉडल Claude Opus 4.6 का टेस्ट कर रहे थे। टेस्ट का नाम BrowseComp था। इस टेस्ट में AI को इंटरनेट पर मुश्किल सवालों के जवाब ढूंढने होते हैं। बिल्कुल वैसे जैसे हम Google पर कुछ सर्च करते हैं बस AI बहुत ज्यादा तेज और स्मार्ट तरीके से करता है।

फिर क्या हुआ जो सबको चौंका दिया

शुरुआत में Claude ने सामान्य तरीके से काम किया। इंटरनेट पर ढेर सारी वेबसाइट्स खंगाली, अलग-अलग भाषाओं में सर्च किया, कई तरीके आजमाए। लेकिन जवाब नहीं मिला। करोड़ों बार सर्च करने के बाद भी हाथ खाली रहा। तब Claude ने कुछ ऐसा किया जो किसी ने सोचा भी नहीं था। उसने खुद लिखा कि चलो एक नया तरीका आजमाते हैं। शायद यह सवाल किसी AI टेस्ट का हिस्सा है। यह पढ़कर इंजीनियरों के होश उड़ गए। AI को खुद शक हो गया था कि उसका इम्तिहान चल रहा है।

AI बन गया जासूस

एक बार शक हुआ तो Claude रुका नहीं। उसने इंटरनेट पर AI के मशहूर टेस्ट ढूंढने शुरू किए। GAIA, BrowseComp, FRAMES, SimpleQA, WebArena एक-एक करके सब खंगाले। आखिरकार उसे GitHub नाम की वेबसाइट पर BrowseComp का पूरा कोड मिल गया। यानी जो टेस्ट उसका इम्तिहान ले रहा था Claude ने उसी को ढूंढ निकाला।

ताला भी खुद तोड़ा

लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं हुई। जवाब एन्क्रिप्टेड थे यानी लॉक थे। आम भाषा में कहें तो जवाब एक ऐसे बंद डिब्बे में थे जिसकी चाबी किसी के पास नहीं थी। तो Claude ने क्या किया? खुद ही कोड लिखा। SHA256 और XOR जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके उस लॉक को तोड़ दिया और जवाब बाहर निकाल लिए। एक बार इस पूरे काम में करीब चार करोड़ पांच लाख टोकन खर्च हुए जो बहुत बड़ी संख्या है।

READ MORE: Anthropic ने लॉन्च किया Claude Opus 4.5, बढ़ाई क्षमता और सुरक्षा

तो क्या AI हो गया है इंसान की तरह?

Anthropic ने साफ कहा है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। AI को सिर्फ यह काम दिया गया था कि जवाब ढूंढो। उसने वही किया बस रास्ता अलग चुना। AI को खुद की समझ या चेतना नहीं आई है, लेकिन जो बात सबको परेशान कर रही है वो यह है कि AI ने बिना किसी की मदद के खुद यह भांप लिया कि उसका इम्तिहान चल रहा है। यह पहले कभी नहीं हुआ था।

READ MORE: Claude के मुख्य टूल अब Free में, ChatGPT को टक्कर

अब आगे क्या होगा

यह घटना AI की दुनिया में एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। जब AI खुद टेस्ट पहचानकर उसके जवाब निकालना सीख जाए तो फिर यह कैसे पता चलेगा कि AI सच में काबिल है या बस चालाकी से पास हो रहा है? Anthropic ने भी माना है कि इंटरनेट पर मौजूद पुराने टेस्ट अब पहले जितने भरोसेमंद नहीं रहे।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

ChatGPT एडल्ट मोड की लॉन्चिंग
Previous Story

ChatGPT का ‘एडल्ट मोड’ फिर टला…जानिए क्या है वजह

भारत में सोशल मीडिया बैन पर MeitY ने दिया बड़ा बयान
Next Story

भारत में सोशल मीडिया बैन पर MeitY ने दिया बड़ा बयान

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss