परीक्षा दे रहा था AI और खुद बन गया पेपर लीक करने वाला

परीक्षा दे रहा था AI और खुद बन गया पेपर लीक करने वाला

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March 9, 2026

Claude Opus 4 Test: सोचिए कोई स्टूडेंट परीक्षा दे रहा हो और अचानक उसे समझ आ जाए कि यह किस किताब से सवाल आए हैं। फिर वो खुद उस किताब का ताला तोड़कर जवाब निकाल ले। यही कुछ हुआ Anthropic की AI के साथ। और यह सुनकर खुद Anthropic के इंजीनियर भी हैरान रह गए।

Anthropic के Claude Opus 4.6 ने खुद पहचान लिया कि उसका AI टेस्ट चल रहा है और फिर खुद ही जवाबों का ताला तोड़ दिया। यह घटना AI रिसर्च की दुनिया में पहली बार हुई है।

पहले समझते हैं यह हुआ कहां

Anthropic एक बड़ी AI कंपनी है जो Claude नाम का AI बनाती है। इंजीनियर अपने नए मॉडल Claude Opus 4.6 का टेस्ट कर रहे थे। टेस्ट का नाम BrowseComp था। इस टेस्ट में AI को इंटरनेट पर मुश्किल सवालों के जवाब ढूंढने होते हैं। बिल्कुल वैसे जैसे हम Google पर कुछ सर्च करते हैं बस AI बहुत ज्यादा तेज और स्मार्ट तरीके से करता है।

फिर क्या हुआ जो सबको चौंका दिया

शुरुआत में Claude ने सामान्य तरीके से काम किया। इंटरनेट पर ढेर सारी वेबसाइट्स खंगाली, अलग-अलग भाषाओं में सर्च किया, कई तरीके आजमाए। लेकिन जवाब नहीं मिला। करोड़ों बार सर्च करने के बाद भी हाथ खाली रहा। तब Claude ने कुछ ऐसा किया जो किसी ने सोचा भी नहीं था। उसने खुद लिखा कि चलो एक नया तरीका आजमाते हैं। शायद यह सवाल किसी AI टेस्ट का हिस्सा है। यह पढ़कर इंजीनियरों के होश उड़ गए। AI को खुद शक हो गया था कि उसका इम्तिहान चल रहा है।

AI बन गया जासूस

एक बार शक हुआ तो Claude रुका नहीं। उसने इंटरनेट पर AI के मशहूर टेस्ट ढूंढने शुरू किए। GAIA, BrowseComp, FRAMES, SimpleQA, WebArena एक-एक करके सब खंगाले। आखिरकार उसे GitHub नाम की वेबसाइट पर BrowseComp का पूरा कोड मिल गया। यानी जो टेस्ट उसका इम्तिहान ले रहा था Claude ने उसी को ढूंढ निकाला।

ताला भी खुद तोड़ा

लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं हुई। जवाब एन्क्रिप्टेड थे यानी लॉक थे। आम भाषा में कहें तो जवाब एक ऐसे बंद डिब्बे में थे जिसकी चाबी किसी के पास नहीं थी। तो Claude ने क्या किया? खुद ही कोड लिखा। SHA256 और XOR जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके उस लॉक को तोड़ दिया और जवाब बाहर निकाल लिए। एक बार इस पूरे काम में करीब चार करोड़ पांच लाख टोकन खर्च हुए जो बहुत बड़ी संख्या है।

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तो क्या AI हो गया है इंसान की तरह?

Anthropic ने साफ कहा है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। AI को सिर्फ यह काम दिया गया था कि जवाब ढूंढो। उसने वही किया बस रास्ता अलग चुना। AI को खुद की समझ या चेतना नहीं आई है, लेकिन जो बात सबको परेशान कर रही है वो यह है कि AI ने बिना किसी की मदद के खुद यह भांप लिया कि उसका इम्तिहान चल रहा है। यह पहले कभी नहीं हुआ था।

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अब आगे क्या होगा

यह घटना AI की दुनिया में एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। जब AI खुद टेस्ट पहचानकर उसके जवाब निकालना सीख जाए तो फिर यह कैसे पता चलेगा कि AI सच में काबिल है या बस चालाकी से पास हो रहा है? Anthropic ने भी माना है कि इंटरनेट पर मौजूद पुराने टेस्ट अब पहले जितने भरोसेमंद नहीं रहे।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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