AI Startup Story: Google के पूर्व कर्मचारी यूसुफ इमरान ने यही फैसला लिया। उन्होंने करीब 9.3 करोड़ रुपये (9,86,000 डॉलर) की सालाना कमाई वाली नौकरी छोड़कर अपना AI स्टार्टअप शुरू किया है। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने ऐसा मौका दिया, जिसे वह गंवाना नहीं चाहते थे।
Google की करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर एक पूर्व कर्मचारी ने अपना AI स्टार्टअप शुरू किया। जानिए क्यों उन्होंने सुरक्षित करियर छोड़कर बड़ा जोखिम उठाया।
Google की शानदार नौकरी छोड़ने का फैसला क्यों लिया?
यूसुफ इमरान ने 2020 में Google जॉइन किया था। वहाँ उनका काम क्लाइंट्स के लिए Google के AI और मशीन लर्निंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके बिज़नेस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना था। उन्होंने बताया कि उनकी बेस सैलरी लगभग 170,000 डॉलर थी, लेकिन उनकी ज़्यादातर कमाई कमीशन से होती थी। पूरे साल में उनकी कुल आय 9,86,000 डॉलर रही। इसके बावजूद उन्होंने अप्रैल 2026 में नौकरी छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू कर दिया। इमरान का कहना है कि गूगल जैसी बड़ी कंपनी छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन उन्हें लगा कि AI के दौर में अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने का यही सही समय है।
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AI ने बदल दी सोच, शौक बना नया कारोबार
इमरान ने बताया कि AI उनके लिए सिर्फ नौकरी का हिस्सा नहीं रहा। वह रात और सप्ताहांत में भी ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स पर लगातार प्रयोग करते थे। हालांकि, वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं हैं, फिर भी उन्होंने AI की मदद से कई छोटे-छोटे एप्लिकेशन बनाए। लगभग डेढ़ साल तक लगातार प्रयोग करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि वह अपना प्रोडक्ट तैयार कर सकते हैं। उनका स्टार्टअप फिलहाल सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI आधारित टूल्स विकसित कर रहा है, जिससे अकाउंट एग्जीक्यूटिव्स का काम आसान हो सके।
नौकरी छोड़ने से पहले की पूरी तैयारी
इमरान का फ़ैसला अचानक नहीं था। सबसे पहले उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति मज़बूत की। उन्होंने बिज़नेस चलाने के लिए 200,000 डॉलर अलग रखे और निजी खर्चों व होम लोन के लिए 150,000 डॉलर का अतिरिक्त फ़ंड जुटाया। उनकी योजना है कि कंपनी को लंबे समय तक बिना बाहरी निवेश के आगे बढ़ाया जाए। उनका मानना है कि शुरुआत में निवेशकों से फंड लेने पर कंपनी की हिस्सेदारी कम हो जाती है। आज वह एक छोटे समूह के इंजीनियरों, मार्केटिंग विशेषज्ञों और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मदद से अपनी कंपनी चला रहे हैं। कई सेल्स प्रोफेशनल्स उनके AI टूल्स का इस्तेमाल भी कर चुके हैं।
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AI के दौर में बढ़ रहे नए अवसर
इमरान का मानना है कि AI ने उद्यमिता को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। अब जिन लोगों के पास किसी क्षेत्र का अनुभव है, वे बिना बड़ी टेक टीम के भी नए प्रोडक्ट तैयार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल AI टूल्स काफी नहीं हैं। किसी भी स्टार्टअप की सबसे बड़ी ताकत उस क्षेत्र की गहरी समझ होती है। उन्होंने करीब 20 साल सेल्स इंडस्ट्री में काम किया और वही अनुभव उनके स्टार्टअप की सबसे बड़ी पूंजी बना।
